Gorakhpur: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के कसारवाल के पास गोरखपुर-संत कबीर नगर सीमा पर पोल्ट्री फार्म ऑपरेटर की पिकअप पर गोलीबारी और 2.67 लाख रुपये की लूट का मामला पूरी तरह से फर्जी साबित हुआ है। इस मामले का खुलासा करते हुए शनिवार को बस्ती पुलिस ने कहा कि दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि गोलीबारी लूट के इरादे से नहीं, बल्कि गुस्से में की गई थी। आरोपियों ने पिकअप चालक से रास्ता न देने के कारण गुस्से में आकर लाइसेंसी हथियार से गोली चलाइ थी।
मामला क्या था?
घटना 26 दिसंबर की रात की है, जब आदित्य शुक्ला, जो बस्ती के पुरानी बस्ती क्षेत्र के निवासी हैं, ने पुलिस में एक शिकायत दर्ज कराई। उनके अनुसार, वह बhatनी (देवरिया) से चिकन की आपूर्ति करके बस्ती लौट रहे थे, तभी सहजानवां और खलीलाबाद के बीच उनकी पिकअप पर सफारी कार सवारों ने गोली चला दी और 2.67 लाख रुपये की नकदी लूट ली। इस घटना के बाद पुलिस ने लूट का मामला दर्ज किया और जांच शुरू की।
पुलिस ने किया खुलासा
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच में जुटी और कई घंटे की जांच के बाद यह खुलासा हुआ कि यह पूरी घटना असल में लूट का नहीं बल्कि गुस्से में किया गया हमला था। पुलिस अधीक्षक (SP) सत्जयत गुप्ता ने शनिवार को इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि दो आरोपी, कमलेश सैनी और अखिलेश कुमार मिश्रा, को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने उनके पास से एक 32 बोर का लाइसेंसी रिवॉल्वर, छह कारतूस, हथियार का लाइसेंस, चार मोबाइल फोन और 2,000 रुपये की नकदी बरामद की है।
क्या था आरोपी का बयान?
पुलिस ने पूछताछ में आरोपियों से यह जानने की कोशिश की कि वे पिकअप पर गोली क्यों चला रहे थे। आरोपियों ने बताया कि 26 दिसंबर को वे अपने सफारी कार से गोरोखपुर लौट रहे थे। रास्ते में सेहपार पुल के पास पिकअप वाहन को ओवरटेक करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पिकअप चालक ने उन्हें रास्ता नहीं दिया। इस पर गुस्से में आकर अखिलेश कुमार मिश्रा ने अपने लाइसेंसी रिवॉल्वर से पिकअप पर गोली चला दी।
पुलिस ने लिया कार्रवाई
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए और आरोपियों के बयान के बाद लूट के आरोप को हटा लिया और हत्या की कोशिश, शस्त्र अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई सफारी कार को भी जब्त कर लिया है।
गिरफ्तारी और अन्य जांचें
पुलिस द्वारा किए गए खुलासे में यह भी सामने आया कि आरोपियों में से एक अभी भी फरार है। पुलिस का कहना है कि उसे जल्दी ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस मामले की जांच अब गोरोखपुर पुलिस को सौंप दी जाएगी क्योंकि घटना स्थल गोरोखपुर जिले में स्थित है। पुलिस टीम ने यह भी बताया कि मामले की जांच में तेजी लाई जा रही है और आरोपी के अन्य साथियों को भी पकड़ा जाएगा।
पुलिस की टिप्पणी
पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच के दौरान कहा कि इस प्रकार के मामलों में झूठे आरोपों की गंभीरता को समझना बहुत जरूरी है। अगर किसी ने किसी तरह की गलती की है तो उसे कानून के तहत सजा मिलनी चाहिए, लेकिन यदि मामला झूठा हो तो उसके लिए भी उचित कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी कहा कि आरोपी जल्द ही कानून की गिरफ्त में होंगे और इस तरह के अपराधों से समाज को बचाना पुलिस की प्राथमिकता है।
बस्ती में हुई यह गोलीबारी और लूट की घटना झूठी साबित हुई, जिससे यह साफ होता है कि कभी-कभी पुलिस की गंभीर जांच से मामलों का वास्तविक स्वरूप सामने आता है। पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई से यह भी संदेश जाता है कि किसी भी प्रकार के फर्जी मामलों को गंभीरता से लिया जाता है और दोषियों को दंडित किया जाता है। इस घटना के बाद पुलिस ने न केवल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि किसी भी मामले में सतर्कता और पूरी जांच की आवश्यकता होती है।
यह मामला एक उदाहरण है कि कैसे पुलिस ने बिना समय गंवाए जांच की और झूठे आरोपों का पर्दाफाश किया। अब बस्ती पुलिस के इस सक्रिय प्रयास से यह उम्मीद की जा रही है कि ऐसे मामलों में जल्द ही निपटारा होगा और न्याय मिलेगा।