Gorakhpur में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सोमवार सुबह घर में नजरबंद कर दिया गया। यह कार्रवाई तब की गई जब कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल अमटौरा गांव जाने के लिए तैयार था। प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य हाल ही में एक सड़क विवाद में मारे गए शिवधनी निषाद के परिवार से मिलकर उनके प्रति संवेदना व्यक्त करना था। लेकिन इससे पहले ही जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं को घर में नजरबंद कर दिया।
शिवधनी निषाद की हत्या का मामला
गौरतलब है कि पिछले रविवार को गोरखपुर के अमटौरा गांव में सड़क विवाद के कारण शिवधनी निषाद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने पूरे इलाके को सन्न कर दिया और कांग्रेस समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के लोग इस घटना पर विरोध दर्ज कर रहे थे। कांग्रेस पार्टी ने मृतक के परिवार से मिलकर न्याय की मांग की थी, जिसके तहत यह प्रतिनिधिमंडल अमटौरा गांव जाने का प्लान बना रहा था।
कांग्रेस नेताओं का आरोप
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जिला प्रशासन का यह कदम पूरी तरह से लोकतंत्र के खिलाफ और तानाशाही है। उनका कहना है कि सरकार ने पुलिस का सहारा लेकर लोगों की आवाज को दबाने की कोशिश की है। गोरखपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष निर्मला पासवान ने कहा, “यह तानाशाही सरकार की ओर से लोकतंत्र की हत्या करने की कोशिश है। सरकार के इस कदम का कांग्रेस विरोध करती है और हम जनता के साथ खड़े रहेंगे।”
महिला कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया शुक्ला ने भी इस कदम की कड़ी निंदा करते हुए कहा, “सरकार जनता के हक की आवाज को दबाना चाहती है, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता इस पर चुप नहीं रहेंगे। हम सरकार के इस तानाशाही रवैये का विरोध करेंगे और जनता के समर्थन से इसका जवाब देंगे।”
कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को किया गया नजरबंद
कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं को उनके घरों में ही नजरबंद किया गया। सुबह 6 बजे से ही भारी पुलिस बल उनके घरों के आसपास तैनात कर दिया गया था, ताकि वे कहीं बाहर न जा सकें। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि यह कदम पूरी तरह से गैर लोकतांत्रिक था और पुलिस का गलत इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार कांग्रेस के आंदोलन को दबाने के लिए ऐसी कार्रवाई कर रही है।
नजरबंद किए गए कांग्रेस नेताओं में प्रमुख नाम हैं:
- निर्मला पासवान, अध्यक्ष, गोरखपुर
- जितेंद्र पांडेय, पूर्व उम्मीदवार, चौरिचौरा विधानसभा
- मनोज यादव, पूर्व उम्मीदवार, साहजनवा
- सोनिया शुक्ला, महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष
- स्नेहलता गौतम, महिला कांग्रेस, चौरिचौरा
- रजनी देवी, खजनी विधानसभा
- शबीहा, महिला कांग्रेस, गोरखपुर महानगर
- देवेंद्र निषाद, ग्रामीण बेलीपर विधानसभा
- राजकुमार यादव, बेलीपर
सीबीएसपी कार्यकर्ताओं को भी रोका गया
कांग्रेस के अलावा बहुजन समाज पार्टी (BSP) के कार्यकर्ता भी अमटौरा गांव पहुंचने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन साहजनवा पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक लिया। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को समझाया और उन्हें शांतिपूर्वक वापस लौटने के लिए कहा। इसके बाद BSP कार्यकर्ता बिना किसी विवाद के लौट गए।
कांग्रेस ने किया विरोध
कांग्रेस पार्टी ने इस पूरे मामले को लेकर सरकार की कड़ी आलोचना की है और इसे तानाशाही रवैया बताया है। पार्टी ने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करने वाली सरकार को जनता अगले चुनाव में जवाब देगी। कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि अगर सरकार ने इस तरह की कार्रवाई जारी रखी, तो कांग्रेस सड़क पर उतरकर सरकार के खिलाफ आंदोलन करेगी।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस पार्टी देश में लोकतंत्र की रक्षा के लिए हमेशा खड़ी रहेगी और किसी भी तानाशाही रवैये का डटकर मुकाबला करेगी। उन्होंने कहा कि अगर सरकार किसी भी आंदोलन को दबाना चाहती है, तो कांग्रेस हर हाल में उसका विरोध करेगी।
जनता से अपील
कांग्रेस पार्टी ने जनता से अपील की है कि वे इस तानाशाही रवैये के खिलाफ खड़े हों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करें। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह सरकार लोकतंत्र की नींव को कमजोर करने की कोशिश कर रही है, लेकिन जनता का समर्थन कांग्रेस के साथ है। आगामी चुनावों में जनता अपनी ताकत से सरकार को जवाब देगी।
कांग्रेस का कहना है कि वे शिवधनी निषाद के परिवार के साथ खड़े हैं और उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे। कांग्रेस ने यह भी स्पष्ट किया है कि वे इस मुद्दे को सरकार के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन बनाने का इरादा रखते हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया
इस मामले पर सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया अभी तक नहीं आई है, लेकिन पुलिस प्रशासन ने कांग्रेस और BSP कार्यकर्ताओं के किसी भी संभावित विरोध प्रदर्शन को शांतिपूर्वक निपटाने के लिए अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
गोरखपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को घर में नजरबंद किया जाना और पुलिस द्वारा इस तरह की कड़ी कार्रवाई करना एक गंभीर लोकतांत्रिक संकट का संकेत है। कांग्रेस ने इस कदम को पूरी तरह से तानाशाही और लोकतंत्र का हनन बताया है। पार्टी ने यह भी कहा कि इस कदम का विरोध किया जाएगा और जनता का समर्थन प्राप्त कर सरकार को इसका जवाब दिया जाएगा। वहीं, पुलिस प्रशासन ने कांग्रेस और BSP कार्यकर्ताओं के किसी भी विरोध प्रदर्शन को शांतिपूर्वक निपटाने का दावा किया है।
यह घटना राजनीतिक दृष्टि से अहम है और भविष्य में इसके गहरे राजनीतिक परिणाम हो सकते हैं।