गोरखपुर: बड़हलगंज के महुआ पार गांव में 95 साल की बिधवा बुजुर्ग महिला को घर से किया बेघर, सड़क पर छोड़ा, गांव में फैला आक्रोश
Gorakhpur Barhalganj: गोरखपुर जिले के बड़हलगंज के महुआ पार गांव में एक शर्मनाक घटना सामने आई है। 95 वर्षीय बिधवा बुजुर्ग महिला एकादशी देवी, जिन्होंने अपने जीवन के 50 से अधिक वर्ष अपने भाई के बच्चों की देखभाल किया , और उन्ही बच्चों में से मुराली जो इनका सबसे प्रिय भतीजा था बुजुर्ग महिला का 10 दिन से खाना-पानी बंद कर दिया था और घर से निकल जाने का फरमान सुनाया था, और आज मुराली और उसकी पत्नी पम्मी ने अपने घर से माँ समान बुआ को हमेशा के लिए निकाल दिया, एकादशी देवी जी को सड़क पर छोड़ दिया गया था तो उनकी बेटी सरिता देवी, पत्नी राम प्रीत अपने घर बड़हलगंज के ग्राम खजूरी पांडेय ले आये, इस घटना ने पूरे गांव में आक्रोश पैदा कर दिया है और परिवारिक संबंधों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जब एकादशी देवी को घर से निकाला जा रहा था, तो उनकी आँखों में आँसू थे और वे समझ नहीं पा रही थीं कि उनके साथ ऐसा क्यों हो रहा है। गांव वालों का कहना है कि मुराली और उसकी पत्नी पम्मी ने के इस अमानवीय व्यवहार ने मानवता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
भइया और भाभी ने दिया था वचन ,लेकिन मिला धोखा
एकादशी देवी अपने भाई के घर पिछले 50 साल से रह रही थीं। उनके भाई और भाभी ने मरने के पहले एकादशी देवी से वचन लिया था की ये इनके घर देख भाल करेंगी, भाई और भाभी के गुजर जाने के बाद, उन्होंने पांचों बच्चों की देखभाल की और उन्हें पाला पोसा और बड़ा किया। एकादशी देवी ने भी अपने भाई को कहा था कि वह उनके घर की देखभाल करेंगी और परिवार को संभालेंगी। परिवार में सभी बच्चों में सबसे प्रिय मुराली था, जिसे एकादशी देवी अपने बेटे के समान मानती थीं क्यों की एकादशी देवी जी का कोई खुद का बेटा नहीं है।
शादी के बाद बदला था मुराली का व्यवहार
समय के साथ, एकादशी देवी ने मुराली की शादी गोरखपुर के क़स्बा संग्रामपुर उनवल वार्ड नंबर एक में गोपाल की लड़की पम्मी से करवा दी थी । हालांकि, शादी के चार साल बाद ही मुराली और उसकी पत्नी पम्मी का व्यवहार एकादशी देवी के प्रति बदल गया। बिधवा बुजुर्ग महिला के साथ बुरा व्यवहार किया जाने लगा, उन्हें समय पर खाना नहीं दिया जाता था, और बीमार होने पर इलाज नहीं कराया जाता था। इसके अलावा, उन्हें मुराली की पत्नी ने घर के सीधी से धक्का दे कर गिरा दिया था जिसके कारन एकादशी देवी जी का हाथ फैक्टच हो गया था, और घर से निकालने की धमकियां दी जाती थीं और गंदी-गंदी गालियां दी जाती थीं। आस पड़ोस के लोग जो कोई बिधवा बुजुर्ग महिला का मदत करने आता था तो मुराली और उसकी पत्नी उनको गाली देकर धमकी दे कर भगा देते थे।
महिला का 10 दिन से खाना-पानी किया था बंद
एकादशी देवी को दोनों कान से सुनाई नहीं देता हैं, एकादसी देवी अपने भाई को दिए गए वचन के कारण घर छोड़ने के लिए तैयार नहीं थीं। लेकिन आखिरकार, मुराली ने अपनी मां समान बुआ को घर से बाहर निकाल दिया। उसने बिधवा बुजुर्ग महिला का सारा सामान बाहर फेंक दिया और उन्हें घर छोड़ने पर मजबूर कर दिया। इस अमानवीय घटना से गांव वालों में गहरा आक्रोश फैल गया है।
आस-पड़ोस के लोगों ने जताई नाराजगी
महुआ पार गांव के लोग इस घटना से बेहद नाराज हैं। गांव के लोगों का कहना है कि एकादशी देवी ने अपनी पूरी जिंदगी इस परिवार की सेवा में लगा दी, लेकिन बदले में उन्हें ये दिन देखना पड़ रहा है । आस-पड़ोस के लोग मुराली और उसकी पत्नी के इस व्यवहार की कड़ी निंदा कर रहे हैं