Gorakhpur AIIMS: गोरखपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में एक एमबीबीएस छात्रा से छेड़छाड़ के मामले के बाद सुरक्षा एजेंसी, कोर कंपनी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जहां एक ओर AIIMS प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है, वहीं दूसरी ओर कंपनी ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अपने सुरक्षा गार्ड्स की जांच करने का निर्णय लिया है। सभी गार्ड्स की पुलिस सत्यापन प्रक्रिया की जाएगी और साथ ही उन गार्ड्स की सूची भी तैयार की जा रही है जिनके खिलाफ पहले से किसी न किसी प्रकार का मामला दर्ज है।
इस मामले में जिस गार्ड पर छात्रा से छेड़छाड़ का आरोप था, उसे जेल भेजा गया है। इसके अलावा, एक पर्यवेक्षक और चार गार्ड्स को निलंबित कर दिया गया है। हालांकि, मामला और बढ़ता हुआ देख कंपनी ने अपने अन्य गार्ड्स की भी जांच करने का आदेश दिया है। यह बताया जा रहा है कि कई गार्ड्स पर पहले से चोरी और छेड़छाड़ जैसे गंभीर आरोप हैं और उनके खिलाफ FIR दर्ज हो चुकी हैं।
इसके अलावा, दो गार्ड्स को कुछ दिन पहले ही जेल से रिहा किया गया था और उनकी पुनः तैनाती की जा सकती है। ऐसे में न सिर्फ AIIMS में पढ़ाई कर रही छात्राओं की सुरक्षा को खतरा हो सकता है, बल्कि यहां उपचार के लिए आने वाली महिलाओं की सुरक्षा भी संकट में आ सकती है।
सतपाल यादव के परिवार का आरोप
इस बीच, AIIMS से छेड़छाड़ के आरोप में बर्खास्त किए गए गार्ड सतपाल यादव के परिवार के लोग इस पूरे घटनाक्रम पर विश्वास करने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि सतपाल पर लगाए गए आरोप पूरी तरह से गलत हैं और उन्हें फंसाया गया है। उनके परिवार और गांव के लोग दावा कर रहे हैं कि आज तक किसी ने भी सतपाल के खिलाफ कोई शिकायत नहीं की थी और यह घटना उनकी जान-बूझकर साजिश का हिस्सा हो सकती है।
सतपाल यादव के परिवार के लोग चाहते हैं कि इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाए। उनका मानना है कि सतपाल को झूठे आरोपों में फंसाया गया है। सतपाल यादव की शादी अगले साल तय हुई थी और वे इस मामले में जेल जाने से पहले अपने जीवन के इस अहम मोड़ की ओर बढ़ रहे थे। सतपाल परिवार के सबसे छोटे बेटे हैं और उनका परिवार आठ बच्चों का है, जिसमें चार बेटे और चार बेटियां हैं। उनके पिता पारसनाथ यादव ने बताया कि उनके साथ एक व्यक्ति के साथ कुछ विवाद हो गया था और उसी विवाद के बाद सतपाल रात को उस व्यक्ति के पास गए थे। विवाद के बाद वह फरार हो गए थे।
सतपाल के बड़े भाई कृष्ण मोहन, जो परिवार से अलग रहते हैं, ने बताया कि सतपाल AIIMS में उस समय से काम कर रहे थे जब वहां का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। इस दौरान गांव या नौकरी में कभी भी उनके खिलाफ कोई शिकायत नहीं आई थी। सतपाल के पुराने दोस्त साहिल खान ने भी उनका समर्थन करते हुए कहा कि वह किसी साजिश का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि CCTV फुटेज की जांच की जानी चाहिए, जिससे सत्यता सामने आ सके।
गांव के लोग भी सतपाल के समर्थन में
गांव के पूर्व प्रधान संतोष प्रजापति ने भी सतपाल के परिवार का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि सतपाल का परिवार बहुत ही साधारण है और परिवार के दो सदस्य शिक्षक हैं, जबकि उनके पिता और एक भाई दूध के व्यवसाय और कृषि से जुड़े हुए हैं। इस पूरे परिवार ने कभी भी किसी प्रकार के विवाद में नहीं पड़ा और न ही कभी ऐसी कोई शिकायत उनके खिलाफ आई है। ऐसे में इस आरोप की निष्पक्ष जांच जरूरी है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
सतपाल यादव के परिवार की मांग
सतपाल यादव के परिवार के लोग लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि उनके बेटे को झूठे आरोपों में फंसाया गया है। वे यह चाहते हैं कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और सतपाल को न्याय मिले। उनका कहना है कि जो कुछ भी हुआ, वह एक साजिश का हिस्सा हो सकता है, और CCTV फुटेज से पूरे मामले की सच्चाई का पता चल सकता है।
उनके परिवार का कहना है कि सतपाल का हमेशा से ही शांतिपूर्ण और विवादों से दूर रहने वाला स्वभाव था। अगर कोई भी गंभीर आरोप लगता, तो परिवार को पहले इसकी जानकारी मिलती। वे यह भी कह रहे हैं कि यदि सतपाल ने सच में कोई गलती की होती, तो पहले भी कहीं न कहीं कोई न कोई शिकायत जरूर आई होती, लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ।
AIIMS प्रशासन और सुरक्षा कंपनी की जिम्मेदारी
इस मामले ने AIIMS प्रशासन और सुरक्षा एजेंसी दोनों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। जहां एक ओर AIIMS प्रशासन ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत कार्रवाई की है, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा एजेंसी को भी अपनी जांच प्रक्रिया में और अधिक सख्त होने की आवश्यकता है। यह महत्वपूर्ण है कि इस तरह के आरोपों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की जाए, ताकि दोषी को सजा मिले और निर्दोष व्यक्ति को बचाया जा सके।
समाज में महिलाओं की सुरक्षा एक बड़ी चिंता का विषय है, और इस मामले ने उस चिंता को और बढ़ा दिया है। AIIMS जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में सुरक्षा की जिम्मेदारी सुरक्षा एजेंसियों पर होती है, और ऐसे मामलों में उनकी भूमिका और जवाबदेही बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों और संस्थान में रहने और उपचार करवाने आने वाली महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोत्तम तरीके से सुनिश्चित किया जा सके।
सतपाल यादव के परिवार और गांव के लोग इस पूरे मामले को लेकर बहुत चिंतित हैं। उनका आरोप है कि सतपाल को बिना किसी ठोस आधार के फंसाया गया है। इस आरोप को लेकर परिवार और गांव के लोग न्याय की उम्मीद में हैं। वहीं, AIIMS प्रशासन और सुरक्षा एजेंसी को भी मामले की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए ताकि सत्य सामने आ सके और आरोपियों को सजा मिल सके।