Gorakhpur: रामगढ़ताल थाना क्षेत्र में शनिवार दोपहर एक दर्दनाक घटना सामने आई जब एक खूंखार बंदर ने 25 वर्षीय युवक पर हमला कर दिया। बंदर के काटने से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक इलाज के बाद, उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए परिजनों ने उसे एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करवाया।
घटना का विवरण
घटना रामगढ़ताल क्षेत्र की है, जहां 25 वर्षीय युवक अपने घर के बाहर कुछ काम कर रहा था। अचानक, एक खूंखार बंदर ने उस पर हमला कर दिया। बंदर ने युवक के हाथ और शरीर के अन्य हिस्सों पर कई जगह गहरे घाव किए। हमले के बाद आसपास के लोग दौड़े और किसी तरह बंदर को वहां से भगाया, लेकिन तब तक युवक गंभीर रूप से घायल हो चुका था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बंदर बेहद आक्रामक था और उसने अचानक युवक पर हमला कर दिया। यह घटना रामगढ़ताल क्षेत्र में लोगों के बीच भय का माहौल पैदा कर गई है, क्योंकि इस इलाके में पहले भी बंदरों के हमले की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
परिजनों की तत्परता से युवक को मिला इलाज
हमले के तुरंत बाद, घायल युवक के परिजनों ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसका प्राथमिक उपचार किया। हालांकि, घायल युवक की गंभीर स्थिति को देखते हुए परिजनों ने उसे बेहतर इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में शिफ्ट कर दिया। अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, युवक को गहरे घाव हुए हैं, लेकिन उसकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है। डॉक्टरों ने बताया कि समय पर इलाज मिलने से युवक की स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है।
इलाके में बंदरों का आतंक
रामगढ़ताल थाना क्षेत्र में बंदरों के हमले की यह पहली घटना नहीं है। पिछले कुछ महीनों में इस इलाके में कई लोगों पर बंदरों के हमले की घटनाएं हो चुकी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है और प्रशासन से बार-बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
इलाके के एक निवासी ने बताया, “हमारे यहां बंदरों का झुंड अक्सर छतों और गलियों में घूमता रहता है। बच्चे और महिलाएं घर से बाहर निकलने से डरते हैं। बंदर किसी भी समय हमला कर देते हैं। प्रशासन को इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।”
प्रशासन की उदासीनता पर सवाल
बंदरों के हमले की बढ़ती घटनाओं से क्षेत्र के लोग प्रशासन से नाराज हैं। उनका कहना है कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। लोगों ने मांग की है कि वन विभाग को तत्काल प्रभाव से बंदरों को पकड़ने और उन्हें सुरक्षित स्थान पर छोड़ने की योजना बनानी चाहिए।
रामगढ़ताल क्षेत्र के स्थानीय पार्षद ने भी इस घटना पर चिंता जताई है और वन विभाग को जल्द से जल्द बंदरों को पकड़ने के लिए अभियान चलाने की अपील की है। पार्षद ने कहा, “बंदरों के हमले से लोगों की जान पर खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन को इस समस्या को गंभीरता से लेना चाहिए और इसका स्थायी समाधान निकालना चाहिए।”
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय
बंदर के काटने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, खासकर अगर काटने के बाद समय पर सही इलाज न मिले। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में टीकाकरण और एंटी-रैबीज उपचार अति आवश्यक है। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि युवक को सभी आवश्यक इंजेक्शन और उपचार दिए जा चुके हैं, और उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
डॉक्टरों का कहना है कि बंदर के काटने से व्यक्ति को संक्रमण, बुखार और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए समय पर सही इलाज जरूरी है। उन्होंने बताया, “बंदर के काटने के मामले में तुरंत मेडिकल सहायता लेना बहुत जरूरी है। अगर सही समय पर टीकाकरण न हो, तो इसका प्रभाव गंभीर हो सकता है।”
रामगढ़ताल में हुई इस घटना ने एक बार फिर से इलाके में बंदरों के आतंक का मुद्दा उजागर कर दिया है। स्थानीय लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि बंदरों को पकड़ने और उन्हें सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने के लिए त्वरित कार्रवाई की जाए। फिलहाल, घायल युवक का इलाज जारी है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। प्रशासन की ओर से अब देखना होगा कि वह बंदरों के आतंक से निपटने के लिए क्या कदम उठाता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
रिपोर्टर- आनंद भारती