Gorakhpur में परिवारिक विवाद के कारण लगी आग, एक और महिला की मौत, 3 साल की बच्ची संघर्ष कर रही है जीवन के लिए

Gorakhpur में परिवारिक विवाद के कारण लगी आग, एक और महिला की मौत, 3 साल की बच्ची संघर्ष कर रही है जीवन के लिए

Gorakhpur: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के चिलुआताल क्षेत्र के दहला गांव में 14 दिसंबर को हुए दर्दनाक आगजनी हादसे में एक और महिला की मौत हो गई है। शुक्रवार को इस हादसे में बुरी तरह जलकर घायल हुई महिला मधु (28) ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इससे पहले इस हादसे में नवविवाहिता माला (25), उनके पति अरविंद निषाद (30) और उनके ससुराल वाले ब्रिजेश निषाद (32) भी अपनी जान गंवा चुके हैं। इस घटना में अब केवल तीन साल की बच्ची रिद्धिमा बची हुई है, जो अपनी जान के लिए संघर्ष कर रही है।

परिवारिक विवाद ने लिया खतरनाक रूप

यह घटनाक्रम परिवारिक विवाद का नतीजा था, जिसमें बड़े भाई बेचन निषाद ने घर में आग लगा दी। घटना की भयावहता को देखते हुए गांव में शोक का माहौल है। 14 दिसंबर की रात को परिवार के भीतर विवाद के कारण बेचन निषाद ने छोटे भाई और उनके परिवार के कमरे बंद कर दिए और उसमें पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इस आगजनी में ब्रिजेश, उनकी पत्नी मधु, तीन साल की बेटी रिद्धिमा, छोटे भाई अरविंद और उनकी पत्नी माला बुरी तरह जल गए। बेचन घटना के बाद से फरार है।

घटना के बाद का दृश्य

माला के निधन के बाद उनका अंतिम संस्कार रविवार को उनके ससुर मुन्नी लाल ने कलेसर मुक्तिधाम घाट पर किया। माला के पिता छोटेलाल, मां कमला देवी और उनके भाई-बहन भी इस मौके पर मौजूद रहे। अंतिम विदाई के समय माला की बहन ने उसे दुल्हन की तरह सजाया और उसे अंतिम बार विदाई दी। यह दृश्य बेहद भावुक था, क्योंकि माला की शादी महज 10 दिन पहले ही हुई थी।

Gorakhpur में परिवारिक विवाद के कारण लगी आग, एक और महिला की मौत, 3 साल की बच्ची संघर्ष कर रही है जीवन के लिए

शादी के महज दस दिन बाद बर्बादी

माला और अरविंद की शादी 4 दिसंबर को हुई थी। माला 5 दिसंबर को अपने ससुराल आई थी और महज 10 दिन बाद यह दिल दहला देने वाली घटना घटित हो गई। इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया है। अरविंद की हालत भी गंभीर है और उन्हें अभी तक अपनी पत्नी की मौत की सूचना नहीं दी गई है। अरविंद का इलाज भी अस्पताल में चल रहा है, और उनकी स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है।

परिवार में कोहराम मच गया

ब्रिजेश की मौत के बाद उनकी पत्नी मधु और तीन साल की बेटी रिद्धिमा की स्थिति अत्यंत खराब है। दोनों का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। इस दुखद हादसे के बाद से परिवार का कोई भी सदस्य अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पा रहा है। उनके ऊपर टूटे इस दुख का कोई हिसाब नहीं है। गांव में भी इस हादसे से शोक का माहौल है और लोग इस घटना के बाद से सन्नाटे में हैं।

पुलिस की कार्रवाई और फरार आरोपी

इस हादसे के बाद परिवार और गांववाले डर के कारण पुलिस से संपर्क नहीं कर पाए थे। लेकिन बाद में माला के भाई संतोष साहनी ने चिलुआताल पुलिस स्टेशन में आरोपी बेचन निषाद के खिलाफ मामला दर्ज कराया। पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है, लेकिन आरोपी बेचन निषाद अब तक फरार है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है, और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही आरोपी गिरफ्तार हो जाएंगे।

गांव में सन्नाटा, गांववाले और रिश्तेदार भी भयभीत

यह घटना न केवल इस परिवार के लिए, बल्कि पूरे गांव के लिए एक काली घड़ी साबित हुई है। गांववाले और रिश्तेदार अब इस परिवार के साथ खड़े हैं, लेकिन वे भी भय के माहौल में जी रहे हैं। घटना के बाद से यह गांव सुना-सुना सा नजर आ रहा है। लोग इस हादसे से हैरान हैं और सभी इस बात को लेकर चिंतित हैं कि ऐसे परिवारिक विवादों में कभी इस तरह का खतरनाक कदम उठाया जा सकता है।

अपराध और समाज पर प्रभाव

यह घटना यह दर्शाती है कि परिवारिक विवाद कभी-कभी कितने खतरनाक रूप धारण कर सकते हैं। यह समाज के लिए एक बड़ा संदेश है कि परिवार में किसी भी तरह का मतभेद बढ़ने से पहले उसे सुलझा लिया जाना चाहिए। यह न केवल परिवार के भीतर बल्कि समाज में भी गंभीर परिणाम उत्पन्न कर सकता है। खासकर जब विवादों के समाधान के बजाय हिंसा का सहारा लिया जाता है तो उसका परिणाम घातक हो सकता है। यह घटना इस बात का स्पष्ट उदाहरण है कि विवादों को सुलझाने के लिए शांति और समझदारी की आवश्यकता है।

दोषियों को सजा दिलवाना जरूरी

इस दिल दहला देने वाली घटना में जिन लोगों ने आगजनी की, उन्हें सख्त से सख्त सजा दिलवाना बेहद जरूरी है। यह समाज के लिए एक उदाहरण बनेगा कि ऐसे अपराधों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस को इस मामले में पूरी तत्परता के साथ कार्रवाई करनी चाहिए ताकि ऐसे अपराधी समाज से नष्ट हो सकें और भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह के दुख का सामना न करना पड़े।

गोरखपुर के दहला गांव में हुए इस दर्दनाक हादसे ने न केवल एक परिवार की खुशियों को छीन लिया बल्कि समाज को भी एक कठोर संदेश दिया है। यह घटना यह बताती है कि परिवारिक विवादों को हल करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। अगर समय रहते किसी विवाद को सुलझा लिया जाता, तो शायद आज यह हादसा नहीं होता। अब पुलिस के लिए यह चुनौती है कि वह आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर न्याय दिलवाए। साथ ही, समाज को भी यह समझने की जरूरत है कि हिंसा का कोई भी रूप कभी भी किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता।

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