Electric Buses UP: उत्तर प्रदेश सरकार ने नए साल के मौके पर राज्यवासियों को एक बड़ा तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी परिवहन निगम में अब इलेक्ट्रिक बसें जोड़ी जा रही हैं। इन बसों का संचालन महाकुंभ के दौरान किया जाएगा, जो 5 जनवरी से प्रयागराज में शुरू हो जाएगा। यह पहल न केवल प्रदूषण कम करने में मदद करेगी, बल्कि यात्रियों के लिए सुविधाजनक और सुरक्षित यात्रा भी सुनिश्चित करेगी।
महाकुंभ में इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत
महाकुंभ में प्रयागराज आने वाले श्रद्धालुओं और यात्रियों के लिए राज्य सरकार ने इलेक्ट्रिक बसों को समर्पित किया है। इन बसों का परिचालन 5 जनवरी से शुरू हो जाएगा और 26 जनवरी से करीब 40 इलेक्ट्रिक बसें महाकुंभ क्षेत्र में संचालित होंगी। इन बसों का संचालन महाकुंभ क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या और यातायात की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा।
इलेक्ट्रिक बसों का महत्व
इलेक्ट्रिक बसों का समावेश परिवहन निगम में राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है। यह कदम पर्यावरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। प्रदूषण को नियंत्रित करने के साथ-साथ इन बसों के जरिए यात्री परिवहन को और अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित बनाया जाएगा।
इलेक्ट्रिक बसों की विशेषताएँ
इन नई बसों की विशेषता यह है कि ये आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी और एक चार्ज में 280 किलोमीटर तक चल सकती हैं। इनमें 44 सीटें होंगी, जो अधिक यात्री संख्या के हिसाब से सुविधाजनक हैं। इन बसों का प्रयोग पहले चरण में प्रयागराज में महाकुंभ क्षेत्र में किया जाएगा और इसके बाद इन्हें लखनऊ और प्रयागराज के बीच संचालित किया जाएगा।
बसों की कार्यक्षमता
इन इलेक्ट्रिक बसों को खास तौर पर इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह एक बार चार्ज होने पर 280 किलोमीटर तक यात्रा कर सकें। हालांकि, परिवहन निगम इन बसों को 250 किलोमीटर तक ही चलाने का निर्णय लिया है ताकि बीच रास्ते में बसों को रिचार्ज करने की आवश्यकता न पड़े। एक इलेक्ट्रिक बस की कीमत लगभग 1.5 करोड़ रुपये है, जो इस तकनीक के उपयोग को दर्शाता है।
महाकुंभ क्षेत्र में चार्जिंग सुविधाएँ
महाकुंभ जैसे विशाल धार्मिक आयोजन में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन करने के लिए विशेष चार्जिंग स्टेशन बनाए गए हैं। प्रयागराज में इन बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन पहले ही तैयार कर दिए गए हैं। इसके अलावा, महाकुंभ क्षेत्र में भी इन बसों के चार्जिंग के लिए आवश्यक सभी सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं।
चार्जिंग नेटवर्क की व्यवस्था
इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए चार्जिंग स्टेशन की व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण है। यूपी परिवहन निगम ने इस दिशा में कड़ी मेहनत की है और प्रयागराज के महाकुंभ क्षेत्र में आवश्यक चार्जिंग स्टेशन पहले से स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा, लखनऊ और प्रयागराज के बीच चार्जिंग स्टेशन तैयार करने का कार्य भी जारी है, जिससे यात्रा के दौरान इन बसों की रिचार्जिंग की कोई समस्या नहीं होगी।
यूपी परिवहन निगम का विज़न
यूपी परिवहन निगम के जनसंपर्क अधिकारी अजीत कुमार सिंह ने इस नई पहल के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 5 जनवरी से प्रयागराज महाकुंभ के लिए 5 इलेक्ट्रिक बसें पहुंच रही हैं। इसके बाद, 26 जनवरी से करीब 40 इलेक्ट्रिक बसें महाकुंभ क्षेत्र में संचालित की जाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि पहले चरण में परिवहन निगम को 100 इलेक्ट्रिक बसें मिल रही हैं। इनमें से 24 बसें लखनऊ, 38-38 बसें गाज़ियाबाद और आगरा के लिए आवंटित की गई हैं।
इलेक्ट्रिक बसों का प्रभाव
पर्यावरण पर प्रभाव
इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से यूपी सरकार का यह कदम प्रदूषण को कम करने में मदद करेगा। इन बसों से उत्सर्जन में कमी आएगी और प्रदूषण का स्तर कम होगा, जो पर्यावरण को बचाने के लिए बेहद जरूरी है।
यात्रियों के लिए लाभ
यात्रियों के लिए इन बसों में उच्च गुणवत्ता की सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही, इन बसों के संचालन से यात्रा की समय-संवेदनशीलता भी बढ़ेगी, क्योंकि ये बसें तेज गति से चलेंगी और अधिक सटीक समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचेंगी।
भविष्य में विस्तार
महाकुंभ के बाद, इन इलेक्ट्रिक बसों का संचालन लखनऊ और प्रयागराज के बीच किया जाएगा। इसके अलावा, गाज़ियाबाद, आगरा और अन्य जिलों के लिए भी इन बसों का विस्तार किया जाएगा। परिवहन निगम का लक्ष्य है कि आने वाले समय में राज्य भर में इलेक्ट्रिक बसों का नेटवर्क स्थापित किया जाए, जिससे हर जिले में प्रदूषण की समस्या को कम किया जा सके।
लखनऊ में पहली डबल-डेकर इलेक्ट्रिक बस
लखनऊ में स्विच मोबिलिटी कंपनी की पहली डबल-डेकर इलेक्ट्रिक बस का संचालन शुरू हो चुका है, जो कामता से एयरपोर्ट के बीच चलती है। यह एक नया उदाहरण है, जहां इलेक्ट्रिक बसों का उपयोग शहरी यातायात के लिए किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश सरकार का यह कदम यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत है, खासकर महाकुंभ के दौरान प्रयागराज में आने-जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए। इलेक्ट्रिक बसों का संचालन न केवल यात्री सुविधा को बढ़ाएगा, बल्कि पर्यावरण के लिए भी यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। यूपी परिवहन निगम द्वारा किए जा रहे इस प्रयास से प्रदेश के परिवहन क्षेत्र में भी क्रांतिकारी बदलाव आ सकता है।