Earthquake In Hyderabad: 4 दिसंबर 2024 को सुबह 7:27 बजे तेलंगाना के मुलुगु जिले में 5.3 की तीव्रता वाला भूकंप आया, जिसके झटके हैदराबाद और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) ने इस घटना की पुष्टि की और कहा कि यह भूकंप स्थानीय समय अनुसार सुबह 7:27 बजे आया था। इस भूकंप के कारण लोगों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन अब तक किसी भी प्रकार के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है।
भूकंप के विवरण की जानकारी
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने X (पूर्व में ट्विटर) पर इस भूकंप के बारे में जानकारी दी, जिसमें बताया गया कि भूकंप का केंद्र मुलुगु, तेलंगाना में था, और इसकी गहराई 40 किलोमीटर थी। भूकंप का स्थान 18.44 N अक्षांश और 80.24 E देशांतर पर था।
तेलंगाना में भूकंप के बारे में विशेष जानकारी
तेलंगाना में पिछले 20 वर्षों में यह सबसे शक्तिशाली भूकंप था, जो मुलुगु में महसूस किया गया। इस भूकंप के झटके तेलंगाना के विभिन्न हिस्सों, विशेष रूप से हैदराबाद, में महसूस किए गए। एक उपयोगकर्ता, जो ट्विटर पर ‘तेलंगाना वेदरमैन’ के नाम से प्रसिद्ध है, ने कहा कि यह पिछले दो दशकों में तेलंगाना में महसूस किया गया सबसे शक्तिशाली भूकंप था।
भूकंप के प्रभाव और सुरक्षा सलाह
हालांकि इस भूकंप के कारण किसी भी प्रकार की गंभीर क्षति या मृत्यु की सूचना नहीं है, स्थानीय अधिकारी स्थिति का मूल्यांकन कर रहे हैं। विशेषज्ञों ने नागरिकों को भूकंप के दौरान सतर्क रहने और भीड़-भाड़ वाले या असुरक्षित इमारतों से दूर रहने की सलाह दी है। भूकंप आने के बाद से लोग एक बार फिर अपनी सुरक्षा को लेकर जागरूक हो गए हैं।
भारत के भूकंपीय क्षेत्र और तेलंगाना का स्थिति
भारत में चार प्रमुख भूकंपीय क्षेत्र हैं: क्षेत्र II, क्षेत्र III, क्षेत्र IV और क्षेत्र V। क्षेत्र V में सबसे अधिक भूकंपीय गतिविधि होती है, जबकि क्षेत्र II में कम तीव्रता वाले भूकंप आते हैं। तेलंगाना क्षेत्र II में आता है, यानी इसे भूकंपीय दृष्टिकोण से कम तीव्रता वाला क्षेत्र माना जाता है।
भारत का लगभग 59% क्षेत्र भूकंपों के लिए संवेदनशील है, जिसमें विभिन्न प्रकार की तीव्रता के भूकंप हो सकते हैं। 11% हिस्सा क्षेत्र V में, 18% क्षेत्र IV में, और 30% क्षेत्र III में स्थित है।
असम में 2.9 तीव्रता का भूकंप
इससे पहले, 30 नवंबर 2024 की रात को असम के कारबी आंग्लोंग क्षेत्र में 2.9 की तीव्रता वाला भूकंप आया था। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, यह भूकंप रात के करीब 2:40 बजे आया, और इसका केंद्र 25 किलोमीटर की गहराई में था।
जम्मू और कश्मीर में 5.8 तीव्रता का भूकंप
जम्मू और कश्मीर में 28 नवंबर 2024 को 5.8 की तीव्रता वाला भूकंप आया था। इस भूकंप के बाद किसी प्रकार के जीवन या संपत्ति के नुकसान की सूचना नहीं मिली। भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान में था, जो 36.49 डिग्री उत्तर अक्षांश और 71.27 डिग्री पूर्व देशांतर पर स्थित था, और इसकी गहराई 165 किलोमीटर थी।
भारत में भूकंप की स्थिति और सरकारी तैयारी
भारत एक भूकंपीय रूप से सक्रिय देश है, और यहां हर साल भूकंप के कई मामले सामने आते हैं। भूकंपीय क्षेत्र की पहचान और नागरिकों को भूकंप के लिए जागरूक करने के लिए कई सरकारी योजनाएं भी लागू की गई हैं। भूकंप के प्रति जागरूकता और सुरक्षा उपायों की महत्ता को समझते हुए, भारत सरकार ने भूकंप की स्थिति से निपटने के लिए कई योजनाओं की शुरुआत की है।
तेलंगाना के मुलुगु जिले में आए 5.3 की तीव्रता के भूकंप ने लोगों को घबराहट में डाल दिया, लेकिन अब तक किसी भी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं है। भारत के भूकंपीय क्षेत्र की स्थिति को देखते हुए, यह घटना एक महत्वपूर्ण चेतावनी है कि नागरिकों को भूकंप से संबंधित सुरक्षा उपायों के प्रति सतर्क रहना चाहिए। भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए सरकारी स्तर पर और नागरिक स्तर पर भी जागरूकता की आवश्यकता है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जल्दी और सही कदम उठाए जा सकें।