Deoria news: देवरिया और गोरखपुर पुलिस की संयुक्त टीम और एसओजी ने मंगलवार रात को सुरौली थाना क्षेत्र के ठाकुर देव घाट पुल के पास एक मुठभेड़ के दौरान तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया। इनमें से दो अपराधी गोरखपुर के गगहा थाना क्षेत्र के निवासी हैं, जबकि तीसरा देवरिया जिले के सुरौली थाना क्षेत्र का निवासी है। सभी तीनों अपराधियों को पैर में गोली लगी है, और उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया है। पुलिस के अनुसार, इन अपराधियों ने निहाल की हत्या करने की बात स्वीकार की है, और हत्या का कारण पुरानी दुश्मनी बताई जा रही है।
घटना का विवरण:
निहाल सिंह, जो कि मदनपुर थाना क्षेत्र के बड़ौन गांव का निवासी था, 7 नवंबर को सुरौली थाना क्षेत्र के जड्डू परसिया के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस को जैसे ही इस हत्याकांड की सूचना मिली, उन्होंने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। मंगलवार रात को एक मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर एसओजी और सुरौली व मदनपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने ठाकुर देव घाट पुल के पास मुठभेड़ के बाद तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया।
अपराधियों की पहचान:
गिरफ्तार किए गए अपराधियों की पहचान निम्नलिखित रूप में की गई है:
- आलोक राजभर (पिता रामकिशुन) – सुरौली थाना क्षेत्र के नाई खास गांव, देवरिया निवासी।
- ब्रजेश गोस्वामी (पिता वीरेंद्र) – गोरखपुर जिले के गगहा थाना क्षेत्र के बेलादाद गांव निवासी।
- अमन गिरी (पिता राजेश) – गोरखपुर जिले के गगहा थाना क्षेत्र के काहल गांव निवासी।
इन तीनों अपराधियों के खिलाफ कई आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं, और ब्रजेश गोस्वामी पर गगहा पुलिस स्टेशन में करीब एक दर्जन मामलों में आरोप हैं। इसके अलावा, उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई है।
मुठभेड़ और गिरफ्तारी:
मंगलवार रात को सूचना मिलने के बाद, पुलिस ने फौरन एक कार्रवाई शुरू की। एसओजी की टीम, सुरौली और मदनपुर पुलिस ने मिलकर अपराधियों को गिरफ्तार करने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया। जैसे ही पुलिस टीम ने ठाकुर देव घाट पुल के पास तीन संदिग्धों को देखा, अपराधियों ने पुलिस पर गोलीबारी शुरू कर दी। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की और मुठभेड़ के दौरान तीनों अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ में तीनों के पैरों में गोली लगी, जिन्हें इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
पुलिस ने इनके पास से एक पिस्टल और दो देसी पिस्तौल भी बरामद की हैं, जो कि इन अपराधियों के पास हत्या के दौरान इस्तेमाल की गई थीं।
हत्या के पीछे पुरानी दुश्मनी:
पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में तीनों आरोपियों ने स्वीकार किया है कि निहाल की हत्या पुरानी दुश्मनी के कारण की गई थी। पुलिस ने बताया कि आरोपियों और निहाल के बीच कई सालों से किसी कारणवश विवाद चल रहा था, जिसके चलते इन अपराधियों ने निहाल की हत्या करने की योजना बनाई।
निहाल की हत्या से पहले भी आरोपियों ने कई बार धमकी दी थी और निहाल को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की थी। इस हत्या का कारण आपसी रंजिश और बदले की भावना थी, और जैसे ही इन आरोपियों को मौका मिला, उन्होंने निहाल को गोलियों से भून दिया।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास:
पुलिस ने बताया कि इन तीनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास रहा है। ब्रजेश गोस्वामी पर गोरखपुर के गगहा थाना में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिसमें हत्या, लूटपाट, और अवैध वसूली के मामले शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि ब्रजेश को पहले भी गैंगस्टर एक्ट के तहत गिरफ्तार किया जा चुका है।
आलोक राजभर और अमन गिरी के खिलाफ भी अन्य गंभीर अपराधों के मामले दर्ज हैं। इन दोनों पर विभिन्न प्रकार के मामलों में कार्रवाई की गई है, और यह भी माना जाता है कि इनका आपराधिक नेटवर्क काफी मजबूत था।
पुलिस की कार्रवाई:
पुलिस द्वारा इस मुठभेड़ को एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। इस कार्रवाई में तीनों अपराधियों की गिरफ्तारी से न केवल निहाल की हत्या का खुलासा हुआ है, बल्कि पुलिस को इन अपराधियों के अन्य आपराधिक कृत्यों के बारे में भी जानकारी मिली है।
सुरौली और मदनपुर पुलिस ने इस मुठभेड़ को लेकर खुशी जताई है और कहा है कि इस तरह के अपराधों को रोकने के लिए पुलिस टीम पूरी तरह से सजग और सक्रिय है। पुलिस ने कहा कि इन अपराधियों से पूछताछ के बाद और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं, और शहर में बढ़ती अपराध दर को नियंत्रित करने के लिए पुलिस अपने प्रयास जारी रखेगी।
निहाल की हत्या के मामले में पुलिस ने तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने पुरानी दुश्मनी के कारण निहाल को गोली मारी। यह घटना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि आपसी रंजिश और बदले की भावना कितनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है। पुलिस ने इस मुठभेड़ में इन अपराधियों को पकड़कर एक बड़ी सफलता हासिल की है, लेकिन इस मामले में और भी राज खुलने की संभावना है।
इस प्रकार के आपराधिक मामलों से यह भी सीखने की आवश्यकता है कि समाज में अपराध को खत्म करने के लिए हर नागरिक को जागरूक और सतर्क रहना होगा। पुलिस की सख्त कार्रवाई और समाज की सक्रिय भागीदारी से ही हम ऐसे अपराधों को रोक सकते हैं।