Delhi Election Result 2025: आईक़रा हसन के प्रचार का असर, जानिए दिल्ली की प्रमुख सीटों की रिपोर्ट कार्ड

Delhi Election Result 2025: आईक़रा हसन के प्रचार का असर, जानिए दिल्ली की प्रमुख सीटों की रिपोर्ट कार्ड

Delhi Election Result 2025 के परिणामों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बड़ी जीत दर्ज की है, जबकि आम आदमी पार्टी (AAP) को हार का सामना करना पड़ा। इस चुनाव में समाजवादी पार्टी (SP) ने AAP का समर्थन किया था, और पार्टी की युवा सांसद आईक़रा हसन ने कई सीटों पर AAP के उम्मीदवारों के लिए प्रचार किया था। आईक़रा हसन का प्रचार खासतौर पर मुस्लिम बहुल इलाकों में देखने को मिला, जहां उनके प्रचार में लोगों की बड़ी संख्या दिखी। हालांकि, यह कहना मुश्किल है कि क्या आईक़रा हसन के प्रचार का असर वोटों में तब्दील हो पाया। आइए जानते हैं दिल्ली के उन प्रमुख विधानसभा क्षेत्रों के बारे में जहां आईक़रा हसन ने प्रचार किया और वहां की चुनावी स्थिति क्या रही।

आईक़रा हसन का प्रचार क्षेत्र

आईक़रा हसन ने दिल्ली के कई विधानसभा क्षेत्रों में AAP के लिए प्रचार किया, जिसमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित सीटें शामिल हैं:

  • जंगपुरा
  • रिठाला
  • संगम विहार
  • किराड़ी

इन सीटों पर उनके प्रचार का कितना असर पड़ा, इसे समझने के लिए हमें चुनाव परिणामों की गहराई से समीक्षा करनी होगी।

जंगपुरा सीट का चुनावी परिदृश्य

आईक़रा हसन ने जंगपुरा सीट के लिए भी प्रचार किया, जहां से आम आदमी पार्टी के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया चुनावी मैदान में थे। इस सीट पर कड़ा मुकाबला हुआ और अंत में मनीष सिसोदिया को हार का सामना करना पड़ा। मनीष सिसोदिया को इस सीट पर केवल 675 वोटों से हार मिली। AAP को इस सीट पर 38,184 वोट मिले, जबकि BJP के तरविंदर सिंह मारवाह को 38,859 वोट मिलकर जीत हासिल हुई।

यहां देखा जा सकता है कि जंगपुरा सीट पर AAP और BJP के बीच बहुत ही करीबी मुकाबला था, लेकिन आईक़रा हसन के प्रचार का असर क्या था, यह कह पाना मुश्किल है क्योंकि इस सीट पर मुस्लिम बहुल इलाका होने के बावजूद AAP को हार मिली।

रिठाला सीट पर परिणाम

आईक़रा हसन ने रिठाला विधानसभा सीट पर AAP उम्मीदवार मोहनदेर गोयल के लिए भी प्रचार किया। इस सीट पर भी AAP को हार मिली, और BJP के कुलवंत राणा ने 29,616 वोटों से जीत दर्ज की। कुलवंत राणा को इस सीट पर 1,04,371 वोट मिले, जबकि AAP को 74,755 वोट प्राप्त हुए। इस सीट पर भी AAP को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा।

Delhi Election Result 2025: आईक़रा हसन के प्रचार का असर, जानिए दिल्ली की प्रमुख सीटों की रिपोर्ट कार्ड

रिठाला सीट पर आईक़रा हसन का प्रचार कितना प्रभावी था, यह एक बड़ा सवाल है, क्योंकि मुस्लिम वोटों का भारी समर्थन होते हुए भी AAP को हार का सामना करना पड़ा। यह दर्शाता है कि केवल प्रचार से चुनावी परिणामों में बदलाव नहीं आ सकता है, बल्कि अन्य कारक भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

संगम विहार सीट का चुनावी परिणाम

आईक़रा हसन ने दिल्ली के संगम विहार सीट पर भी AAP उम्मीदवार दिनेश मोहनिया के लिए प्रचार किया। यह सीट भी AAP के लिए हार रही। भाजपा के चंदन कुमार चौधरी ने संगम विहार सीट को 344 वोटों से जीत लिया। चंदन कुमार चौधरी को 54,049 वोट मिले, जबकि AAP के दिनेश मोहनिया को 53,705 वोट मिले। यहां भी AAP और BJP के बीच जीत का अंतर बहुत कम था।

संगम विहार सीट पर भी मुस्लिम बहुल क्षेत्र होने के बावजूद AAP को विजय नहीं मिली, जिससे यह संकेत मिलता है कि AAP के प्रचार अभियान में कुछ खामियां रही। हालांकि, आईक़रा हसन की प्रचार रणनीति ने इस सीट पर भी बड़ी संख्या में लोगों को आकर्षित किया, फिर भी परिणाम उनके पक्ष में नहीं आया।

किराड़ी सीट पर जीत

आईक़रा हसन ने दिल्ली की किराड़ी सीट पर भी AAP उम्मीदवार अनिल झा के लिए प्रचार किया। इस सीट पर AAP ने बड़ी जीत दर्ज की और अनिल झा ने 21,871 वोटों से जीत हासिल की। अनिल झा को इस सीट पर कुल 1,05,780 वोट मिले। यह AAP के लिए एक बड़ी राहत देने वाली जीत थी, क्योंकि किराड़ी सीट पर उनका प्रदर्शन अच्छा रहा।

किराड़ी सीट पर आईक़रा हसन के प्रचार का असर साफ दिखाई दिया, और यह साबित हुआ कि उनका प्रचार इस सीट पर कारगर रहा। इस जीत ने AAP के लिए कुछ उम्मीदें जिंदा रखी, हालांकि अन्य सीटों पर हार ने पार्टी के लिए इसे संतुलित नहीं किया।

चुनाव परिणामों पर कुल प्रभाव

आईक़रा हसन के प्रचार का असर दिल्ली के कुछ सीटों पर स्पष्ट रूप से दिखाई दिया, खासकर उन क्षेत्रों में जहां मुस्लिम मतदाता बड़ी संख्या में थे। हालांकि, कई सीटों पर प्रचार के बावजूद AAP को जीत नहीं मिल पाई, जिससे यह साबित होता है कि चुनाव में प्रचार एक अहम भूमिका निभाता है, लेकिन इसका अकेले पर्याप्त प्रभाव नहीं होता है। AAP को दिल्ली में BJP के मुकाबले हार का सामना करना पड़ा, जो एक बड़ी उलटफेर साबित हुई।

आईक़रा हसन के प्रचार के बावजूद, AAP को दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में बड़ी हार का सामना करना पड़ा। कुछ सीटों पर उनके प्रचार का असर दिखाई दिया, खासतौर पर किराड़ी सीट पर, जहां AAP ने जीत दर्ज की। लेकिन अन्य सीटों पर मुस्लिम वोटों का समर्थन भी AAP के लिए पर्याप्त नहीं साबित हो सका। दिल्ली चुनाव के परिणाम बताते हैं कि केवल प्रचार से परिणाम नहीं बदलते, बल्कि पूरी चुनावी रणनीति और उम्मीदवारों की स्थिति भी महत्वपूर्ण होती है।

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