गोरखपुर। खजनी तहसील क्षेत्र के नगर पंचायत कस्बा संग्रामपुर उनवल के टेकवार चौराहे पर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धापूर्वक उनकी पुण्यतिथि मनाई गई। भारतीय संविधान के निर्माता और समाज सुधारक को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए वहां मौजूद लोगों ने उनके विचारों और योगदान को स्मरण किया।
सामाजिक समरसता के प्रतीक
कार्यक्रम के दौरान सभासद सर्वेश लाल ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने भारतीय समाज में समानता और समरसता की स्थापना के लिए अपने जीवन को समर्पित किया। उन्होंने भारतीय संविधान का निर्माण कर देश में सामाजिक न्याय की मजबूत नींव रखी। उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें नमन करते हुए सभासद ने बताया कि डॉ. अंबेडकर का 6 दिसंबर 1956 को मध्य प्रदेश के महू में निधन हो गया था। वे एक ऐसे भारत की परिकल्पना करते थे, जहां हर व्यक्ति को समान अधिकार मिले और समाज में भेदभाव का अंत हो।
समाजसेवियों और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति
इस अवसर पर क्षेत्र के कई समाजसेवी डाक्टर रामवतार जी, रामजतन नीलम जी, काशी प्रसाद जी, कैलाश जी, बैधनाथ जी, रणजीत जी, अरविंद सभासद जी, जोखन लेखपाल जी, रामगती आजाद जी, रामजनम गौड़ जी, रामदुलारे जी, वीरेंद्र जी, सचिन कुमार जी, शिवप्रताप जी, दिनेश जी, उपेन्द्र यादव जी, दूधनाथ जी, अमरजीत जी, मिथिलेश यादव जी, धर्मेंद्र जी, बबलू जी सहित अन्य ने डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पार्चन किया।
समाज के लिए प्रेरणा स्रोत
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने डॉ. अंबेडकर के आदर्शों को आत्मसात करने की शपथ ली। वक्ताओं ने उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वे न केवल एक महान नेता और समाज सुधारक थे, बल्कि शिक्षा, समानता और मानवाधिकारों के प्रति उनकी निष्ठा ने उन्हें वैश्विक स्तर पर सम्मान दिलाया।
डॉ. भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि पर आयोजित यह श्रद्धांजलि कार्यक्रम उनके विचारों और सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाने का एक प्रयास था। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने उनके योगदान को याद कर उन्हें नमन किया और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।