Cricket competition: संतकबीर नगर के हीरालाल रामनिवास स्नातकोत्तर महाविद्यालय में तीन दिवसीय अंतःविभागीय क्रिकेट प्रतियोगिता का उद्घाटन सोमवार को हुआ। उद्घाटन मैच में कला संकाय के बीए प्रथम वर्ष और बीए अदर्स की टीमों के बीच मुकाबला हुआ, जिसमें बीए अदर्स ने रोमांचक तरीके से दो विकेट से जीत हासिल की।
मैच का विवरण
उद्घाटन मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए बीए प्रथम वर्ष ने 101 रन का लक्ष्य रखा। उनकी टीम ने 20 ओवर में 100 रन बनाए, जिसमें सबसे ज्यादा 23 रन आयुष ने बनाए। उनके इस योगदान के साथ ही आयुष ने गेंदबाजी में भी बेहतरीन प्रदर्शन किया, दो विकेट चटकाए। इस प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘मैन ऑफ द मैच’ का पुरस्कार मिला।
इसके जवाब में बीए अदर्स ने खेल की शुरुआत की और 8 विकेट खोकर इस लक्ष्य को हासिल कर लिया। यह मैच दर्शकों के लिए एक रोमांचक अनुभव रहा, जिसमें दोनों टीमों ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया।
उद्घाटन समारोह
इस प्रतियोगिता का उद्घाटन प्राचार्य प्रो. ब्रजेश त्रिपाठी ने किया। उन्होंने दोनों टीमों के खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त करते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा, “प्रतियोगिता में जीत और हार होती है। हारने वाले को निराश नहीं होना चाहिए, बल्कि और मेहनत करनी चाहिए और अगले बार प्रतियोगिता में भाग लेना चाहिए।”
महाविद्यालय के मुख्य नियंत्रक प्रो. राजेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि शिक्षा के साथ-साथ खेल भी छात्र जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने छात्रों को खेलों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया, ताकि वे अपनी शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रख सकें।
खेल परिषद की महत्वपूर्ण भूमिका
खेल परिषद के अध्यक्ष डॉ. पूर्णेश नारायण सिंह ने बताया कि यह प्रतियोगिता तीन दिनों तक चलेगी, जिसमें महाविद्यालय के विभिन्न संकायों की टीमें भाग लेंगी। इस अंतःविभागीय प्रतियोगिता के आधार पर महाविद्यालय की फाइनल इलेवन टीम का चयन किया जाएगा।
प्रो. प्रताप विजय कुमार ने कहा कि खेल छात्रों में नेतृत्व और सामूहिक सहयोग की विशेषताओं का विकास करते हैं। इस दौरान, खेल परिषद के सचिव डॉ. शशिकांत राव ने कहा कि एक स्वस्थ मन केवल एक स्वस्थ शरीर में ही विकसित हो सकता है।
खेलों का महत्व
इस प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल खेल को बढ़ावा देना नहीं है, बल्कि छात्रों के बीच प्रतिस्पर्धा की भावना को विकसित करना भी है। खेल छात्रों में आत्मविश्वास, अनुशासन और सहयोग की भावना को बढ़ाते हैं, जो जीवन के अन्य क्षेत्रों में भी उनकी सहायता करते हैं।
खेलों में भाग लेने से छात्रों में मानसिक तनाव को कम करने और स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की क्षमता बढ़ती है। इससे छात्रों की एकाग्रता और प्रदर्शन में सुधार होता है, जो कि शिक्षा के क्षेत्र में भी लाभदायक है।
सम्मानित अतिथि और प्रबंधन
इस अवसर पर डॉ. विजय कुमार मिश्र, मनोज वर्मा, विजय बहादुर, डॉ. राम प्रताप राज, डॉ. अमित मिश्र, डॉ. अनुपम पति त्रिपाठी आदि उपस्थित थे। इन सभी ने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए खेलों के महत्व पर प्रकाश डाला।
प्रतियोगिता के आगे के चरण
प्रतियोगिता के अगले चरणों में और भी रोमांचक मुकाबले होंगे, जिसमें महाविद्यालय के अन्य संकायों की टीमें शामिल होंगी। प्रत्येक मैच के बाद खिलाड़ियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाएगा, और उनके आधार पर फाइनल टीम का चयन किया जाएगा।
इस प्रतियोगिता से यह भी पता चलेगा कि कौन से खिलाड़ी उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए उपयुक्त हैं। खेलों की इस गतिविधि के माध्यम से छात्र न केवल खेल में बल्कि जीवन के अन्य क्षेत्रों में भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए तैयार हो रहे हैं।
‘बीए अन्य’ की जीत ने यह सिद्ध कर दिया है कि टीमवर्क और सामूहिक प्रयास से किसी भी चुनौती का सामना किया जा सकता है। इस प्रकार की प्रतियोगिताएं छात्रों में प्रतिस्पर्धात्मकता की भावना को बढ़ावा देती हैं और उन्हें एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करती हैं।
खेलों के माध्यम से छात्रों को न केवल एक स्वस्थ शारीरिक अवस्था प्राप्त होती है, बल्कि यह उन्हें मानसिक रूप से भी मजबूत बनाता है। अंततः, इस प्रकार की गतिविधियों से महाविद्यालय का वातावरण और भी जीवंत हो जाता है, जो छात्रों के समग्र विकास में सहायक होता है।
महाविद्यालय की यह प्रतियोगिता निश्चित रूप से एक सफल प्रयास है, जो न केवल छात्रों को खेल के प्रति आकर्षित करती है, बल्कि उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित भी करती है। इस प्रतियोगिता के माध्यम से सभी खिलाड़ियों को उनके प्रयासों और खेल भावना के लिए सम्मानित किया जाएगा, जिससे वे आगे और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित होंगे।