Deoria में 9.85 लाख रुपये की ठगी का मामला, 13 आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने दर्ज किया मामला

Deoria में 9.85 लाख रुपये की ठगी का मामला, 13 आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने दर्ज किया मामला

Deoria: देवरिया जिले में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक जोड़े को 25 लाख रुपये की लॉटरी जीतने का लालच देकर 9.85 लाख रुपये की ठगी की गई। यह घटना अप्रैल 2022 की है, जब एक व्यक्ति के पास लॉटरी जीतने का फोन आया था और उसे डिजिटल माध्यम से लाखों रुपये ठग लिए गए। जब पुलिस से न्याय नहीं मिला, तो पीड़ितों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। अदालत के आदेश पर साइबर थाने की पुलिस ने 13 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

ठगी का तरीका क्या था?

यह घटना चौंकाने वाली है, क्योंकि ठगी का तरीका बहुत ही चालाकी से किया गया था। शत्रुघनपुर लोनिया टोला निवासी ललटी देवी ने बताया कि उनके दामाद दिलीप चौहान को एक फोन आया, जिसमें उसे बताया गया कि वह 25 लाख रुपये की लॉटरी जीत चुका है। इस फोन के बाद दिलीप को अलग-अलग नंबरों से कॉल आने लगीं, और ठगों ने उसे डिजिटल माध्यमों से कुल 9.85 लाख रुपये की ठगी कर ली। शुरुआत में, उन्हें विश्वास हुआ कि यह एक सच्ची लॉटरी है, लेकिन जब ठगों ने उनसे और पैसे की मांग की, तो दंपत्ति ने पैसे वापस करने की मांग की, जिसके बाद ठगों ने उनके मोबाइल नंबर बंद कर दिए।

Deoria में 9.85 लाख रुपये की ठगी का मामला, 13 आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने दर्ज किया मामला

ठगों द्वारा अधिक पैसे की मांग

ठगी के शिकार दंपत्ति ने जब और पैसे देने से मना किया और अपनी राशि वापस करने की मांग की, तो ठगों ने उनका संपर्क तोड़ लिया और उनके मोबाइल नंबर को स्विच ऑफ कर दिया। इसके बाद, दंपत्ति ने साइबर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने ठोस कदम नहीं उठाया। इससे निराश होकर, ललटी देवी ने अदालत का सहारा लिया। अदालत के आदेश पर साइबर पुलिस स्टेशन ने 13 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया और जांच शुरू कर दी है।

आरोपियों की पहचान

साइबर पुलिस ने ठगी करने वाले आरोपियों की पहचान कर ली है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। जिन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, उनमें अरुण कुमार, राहुल, पप्पू अलबेला, अशोक, रोहित, सुनील, निजाम खान, मियां महफूज आलम, अक्षय सिंह, संगीता, कलिता महफूज आलम और सल्लाउद्दीन शामिल हैं। इन आरोपियों के खिलाफ साइबर अपराध और ठगी के मामले में जांच की जा रही है।

पुलिस की चेतावनी और जागरूकता

इस मामले के सामने आने के बाद, साइबर पुलिस स्टेशन ने लोगों से अपील की है कि वे अनजान कॉल्स, पुरस्कारों या लॉटरी के झांसे में न आएं। पुलिस ने जनता से यह अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति ठगी का शिकार होता है, तो तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दें। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधी बहुत चालाकी से लोगों को फंसाते हैं, और ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई करना बेहद जरूरी है।

साइबर पुलिस ने यह भी बताया कि इस तरह के ठगी के मामलों में सतर्कता और जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण है। अक्सर लोग आसानी से ऐसे झांसे में आ जाते हैं, जो उनकी मेहनत की कमाई को लेकर बुरा परिणाम ला सकते हैं। ठगी करने वाले लोग इस प्रकार के झांसे के लिए विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करते हैं, जैसे कि कॉल, मैसेज या ईमेल। ऐसे में, लोगों को यह समझने की जरूरत है कि कोई भी अनजान व्यक्ति या कॉलर, विशेष रूप से लॉटरी या पुरस्कार के बारे में बात करने वाला, विश्वसनीय नहीं हो सकता।

साइबर अपराधों में वृद्धि

हाल के कुछ वर्षों में साइबर अपराधों में जबरदस्त वृद्धि देखने को मिली है। खासतौर पर, ठगी और धोखाधड़ी के मामले तेजी से बढ़े हैं। इन अपराधों में साइबर ठग न केवल आम लोगों को, बल्कि बड़ी कंपनियों और सरकारी संस्थाओं को भी निशाना बना रहे हैं। इस मामले के बारे में पुलिस ने बताया कि साइबर अपराधों के खिलाफ जागरूकता फैलाना और लोगों को उचित तरीके से शिक्षित करना, ऐसे अपराधों की संख्या को कम करने में सहायक होगा।

पीड़ित परिवार का संघर्ष

यह पूरा मामला इस बात को दर्शाता है कि किस प्रकार एक ठगी का शिकार हुआ परिवार न्याय के लिए कई महीनों तक संघर्ष करता रहा। जब पुलिस ने उन्हें उचित सहायता नहीं दी, तो उन्होंने अदालत की मदद ली। अदालत के आदेश के बाद पुलिस ने इस मामले में कदम उठाया, और अब यह मामला जांच के तहत है। यह पीड़ित परिवार के लिए एक लंबी और मुश्किल यात्रा रही है, लेकिन अंततः उन्हें न्याय का मार्ग मिला।

यह घटना साफ तौर पर यह बताती है कि साइबर अपराधों के खिलाफ जागरूकता और सतर्कता जरूरी है। लोग जो कोई भी फोन कॉल, लॉटरी, या पुरस्कारों का लालच देकर उनसे पैसे की मांग करते हैं, उन पर विश्वास नहीं करें। पुलिस और साइबर सुरक्षा अधिकारियों से सतर्क रहकर ही ऐसे अपराधों से बचा जा सकता है।

इसके अलावा, पुलिस द्वारा ठगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने और मामले की जांच में तेजी लाने से उम्मीद है कि यह अपराधी जल्द ही पकड़ में आ जाएंगे। इस प्रकार के मामलों में पीड़ितों को जल्द से जल्द न्याय मिलना चाहिए, और साथ ही लोगों को ऐसे धोखाधड़ी मामलों के प्रति जागरूक करने की जरूरत है। साइबर अपराधों के खिलाफ सतर्कता ही हमारी सबसे बड़ी सुरक्षा है।

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