Campierganj: उत्तर प्रदेश के कैम्पियरगंज पुलिस थाने के सब-इंस्पेक्टर और दो कांस्टेबलों पर उस समय घातक हमला हुआ जब वे एक रेप आरोपी को गिरफ्तार करने पहुंचे थे। यह घटना गोपालगंज गांव में हुई, जहां आरोपी राहुल निषाद और उसके परिजनों ने पुलिस पर हमला किया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घायल पुलिसकर्मियों ने अपनी जान बचाकर वहां से भाग निकाला और घटना की सूचना अपने अधिकारियों को दी।
घटना का संक्षिप्त विवरण
चार दिन पहले, गोपालगंज गांव के एक व्यक्ति ने राहुल निषाद के खिलाफ अपनी नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म करने का मामला दर्ज किया था। पुलिस ने जब कोर्ट में पीड़िता का बयान दर्ज कराया, तो उन्हें सूचना मिली कि आरोपी बुधवार शाम को अपने घर पर मौजूद है। सूचना के आधार पर, प्रशिक्षु सब-इंस्पेक्टर सचिन कुमार और कांस्टेबल अजीत व बाबुल ने आरोपी के घर पर छापा मारा और उसे पकड़ लिया।
जब वे उसे पुलिस स्टेशन ले जा रहे थे, तब आरोपी के परिवार के लोगों ने उन पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया और लाठी से हमला किया। घायल पुलिसकर्मियों को बचाने के लिए अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और उन्हें इलाज के लिए BRD मेडिकल कॉलेज भेजा। उनकी स्थिति गंभीर होने पर दोनों को रचित अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस की कार्रवाई
उत्तर क्षेत्र के एसपी जितेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। पुलिस ने घटना में शामिल तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
घटना के बाद की स्थिति: आरोपी अपने घर से भाग गया और उसके परिवार के सदस्य घर को बंद कर भाग गए। कैम्पियरगंज पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने आरोपी की मां और उसकी दो बहनों को गिरफ्तार किया है। गांव में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और गश्त की जा रही है।
पीड़िता के परिवार की सुरक्षा
घटना के बाद गांव में खामोशी छा गई है। पीड़िता के परिवार ने अधिकारियों को बताया कि राहुल निषाद और उसके रिश्तेदार उन्हें धमका रहे थे और केस वापस न लेने पर जान से मारने की धमकी दे रहे थे। बुधवार शाम को जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तब आरोपी और उसके परिजनों ने उन पर हमला कर दिया।
पुलिस के उच्च अधिकारियों की टिप्पणी
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। राहुल की मां कौशल्या देवी, बहनें प्रीति और प्रियंका को गिरफ्तार किया गया है।
अन्य घटनाएं
इसी दौरान, खोराबार क्षेत्र में बुधवार रात को युवकों के बीच झगड़ा हुआ। जब PRV जवानों ने जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे, तो एक युवक ने उनके साथ झगड़ा शुरू कर दिया। जब PRV कांस्टेबल ने खोराबार थाने के प्रभारी को सूचना दी, तो स्थानीय इंस्पेक्टर भी मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुका था।
पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए छापेमारी शुरू कर दी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिस टीम आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना पुलिस और न्यायालय के लिए एक चुनौती पेश करती है। सुरक्षा बलों पर हमला न केवल उनके काम में बाधा डालता है, बल्कि यह समाज के लिए भी एक चिंता का विषय है। स्थानीय प्रशासन को चाहिए कि वे ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाएं और पुलिसकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
गांव में स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है। स्थानीय लोग इस घटना को लेकर चिंतित हैं और न्याय की उम्मीद कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन को चाहिए कि वे पीड़िता और उसके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करें और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।
यह घटना समाज में कानून और व्यवस्था को बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण सबक है और यह दर्शाती है कि न्याय के प्रति गंभीरता बनाए रखना कितना आवश्यक है।