Gorakhpur : गोरखपुर के खजनी क्षेत्र के सराया तिवारी गांव में गुरुवार को दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हुआ। मामला तब बिगड़ा जब एक पक्ष ने अपने घर के सामने मिट्टी भरने का विरोध किया, जिसके बाद दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया और यह विवाद हिंसा में बदल गया। लाठी-डंडे की इस जबरदस्त भिड़ंत में छह से अधिक लोग घायल हो गए हैं। इस संघर्ष में एक युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
लाठी-डंडों से हमला, वीडियो वायरल
इस हिंसक संघर्ष का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें दोनों पक्ष लाठी-डंडों से एक-दूसरे पर हमला करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में नजर आ रहा है कि दोनों पक्षों के लोग पूरी ताकत के साथ एक-दूसरे पर हमला कर रहे हैं, और स्थिति इतनी विकट हो जाती है कि आसपास के लोग डर के मारे दूर खड़े हो जाते हैं।
घटना खजनी थाना क्षेत्र के सराया तिवारी गांव की है, जहां गांव के कुछ लोग घर के सामने मिट्टी भर रहे थे। इस विवाद में पहले तो तीखी नोकझोंक हुई और फिर मामला हिंसा में बदल गया। पुलिस ने सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों से कुछ लोगों को हिरासत में लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
पारिवारिक रिश्तों में टकराव, हमला किया गया धारदार हथियार से
पीड़ित परिवार के अनुसार, कismet देवी और उनके पति सदानंद उर्फ भिखारी अपने घर के पास मिट्टी भर रहे थे, तभी उनके रिश्तेदारों ने उन पर हमला बोल दिया। हमलावरों में जितेन्द्र, प्रदुम, पिंटू, सन्नी, सुमित्रा, टीजा, हरिकेश, राम बदन और अन्य लोग शामिल थे। आरोप है कि इन हमलावरों ने लाठी-डंडों के साथ-साथ धारदार हथियारों का भी इस्तेमाल किया, जिससे पीड़ितों को गंभीर चोटें आईं।
पीड़ित परिवार का कहना है कि इस हमले में न केवल उन्हें चोटें आईं, बल्कि उनके घर में भी तोड़फोड़ की गई। महिलाएं और बच्चे भी हमलावरों से नहीं बच पाए और उन्हें भी पीटा गया। इस हमले में खासतौर पर एक युवक की हालत गंभीर बनी हुई है।
नाली निर्माण के बाद विवाद, जानबूझकर हमला करने का आरोप
यह विवाद ग्राम प्रधान प्रतिनिधि द्वारा गांव में कंक्रीट नाली बनाने के बाद हुआ था। पीड़ित परिवार का कहना है कि नाली निर्माण के बाद दोनों पक्षों ने अपनी जमीन को बांट लिया था। फिर विवाद तब शुरू हुआ जब वे अपने खेत में मिट्टी भर रहे थे और अचानक हमलावरों ने उन पर हमला बोल दिया। आरोप है कि हमलावरों ने पूरी साजिश के तहत यह हमला किया।
घर में घुसकर हमला, महिलाओं और बच्चों को भी नहीं छोड़ा
हमले के दौरान पीड़ित परिवार के लोग अपनी जान बचाने के लिए घर के अंदर भागे, लेकिन हमलावरों ने उनका पीछा करते हुए घर में घुसकर उन्हें बाहर खींच लिया और फिर बुरी तरह से पीटा। यहां तक कि घर में भी तोड़फोड़ की गई। हमलावरों ने महिलाओं और छोटे बच्चों को भी नहीं छोड़ा और उन्हें भी बुरी तरह से पीटकर घायल कर दिया। इस हमले में घर के कीमती सामान जैसे फ्रिज, टीवी और अन्य सामान को भी नुकसान पहुंचा है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच जारी
घटना की जानकारी मिलते ही खजनी पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों के कुछ लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस ने पीड़ित परिवार की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है और मामले की जांच जारी है। खजनी थानाध्यक्ष सदानंद सिन्हा ने बताया कि हमलावरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे कानून के अनुसार सजा दी जाएगी।
पुलिस कार्रवाई और गांव में तनाव का माहौल
घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। दोनों पक्षों के बीच लड़ाई के बाद, गांव में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस की तैनाती की गई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे कानून को अपने हाथ में न लें और शांति बनाए रखें। पुलिस का कहना है कि जो लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
गोरखपुर के इस गांव में हुई हिंसक घटना ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया कि परिवार और रिश्तेदारों के बीच भी विवाद बढ़कर हिंसा का रूप ले सकते हैं। हालांकि पुलिस इस मामले की जांच कर रही है, लेकिन यह घटना हमें यह सिखाती है कि किसी भी प्रकार के विवाद को शांति से सुलझाने की आवश्यकता है। गांवों में इस प्रकार के विवादों को सुलझाने के लिए पंचायतों और स्थानीय अधिकारियों को भी सक्रिय रूप से काम करना चाहिए, ताकि किसी भी तरह की हिंसा से बचा जा सके।
गोरखपुर में इस तरह की घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है और यह राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन के लिए एक बड़ा चुनौती बन गई है। उम्मीद की जाती है कि इस मामले में दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।