Gorakhpur में पहली बार ‘ब्लैकआउट मॉक ड्रिल’ का आयोजन किया जा रहा है, जो आज रात 8 बजे से शुरू होगा। इस मॉक ड्रिल के दौरान शहर की पूरी पावर सप्लाई को बंद किया जाएगा, जिसका उद्देश्य युद्ध जैसी आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन और संपत्ति की सुरक्षा को सुनिश्चित करना है। यह मॉक ड्रिल नागरिक सुरक्षा के प्रति किए जा रहे प्रतिबद्धता का एक अहम हिस्सा है, जो सार्वजनिक बचाव और आपातकालीन सेवाओं की तत्परता की परीक्षा लेने के लिए आयोजित किया जा रहा है।
ब्लैकआउट मॉक ड्रिल का उद्देश्य
जिला मजिस्ट्रेट कृष्णा करूणेश के अनुसार, इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिला के सभी सेवाएं और नागरिक रक्षा विभाग युद्ध जैसी परिस्थितियों में कितनी तेजी से कार्य कर सकते हैं। इस अभ्यास में आग बुझाने, घायलों को प्राथमिक चिकित्सा देने और संभावित हवाई हमले में इमारतों में फंसे लोगों को सुरक्षित रूप से बाहर निकालने की विधि का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके माध्यम से गोरखपुर प्रशासन की आपदा से निपटने की तैयारियों की भी परीक्षा ली जाएगी।
नागरिक सुरक्षा के प्रति गोरखपुर प्रशासन की मजबूत तैयारी
डीएम कृष्णा करूणेश ने बताया कि यह मॉक ड्रिल गोरखपुर में नागरिक सुरक्षा की तैयारियों को मजबूती प्रदान करेगी। इस ड्रिल के दौरान गोरखपुर के नागरिकों को यह भी प्रशिक्षण दिया जाएगा कि वे ब्लैकआउट जैसी स्थिति में अपनी सुरक्षा कैसे सुनिश्चित कर सकते हैं। डीएम के साथ-साथ अतिरिक्त डीएम विनीत कुमार सिंह, वरिष्ठ सहायक उप नियंत्रक वेद प्रकाश, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, विभागीय वार्डन और कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस मॉक ड्रिल में शामिल होंगे, जो रात 8 बजे से शुरू होगा।
मॉक ड्रिल के दौरान विशेष दिशा-निर्देश
मॉक ड्रिल के दौरान प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे शांत रहें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। पावर सप्लाई बंद होने के बावजूद अस्पतालों, दमकल और पुलिस नियंत्रण कक्ष जैसी आपातकालीन सेवाएं सक्रिय रहेंगी। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे आपातकालीन नंबर तैयार रखें और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें।
ब्लैकआउट मॉक ड्रिल की संरचना
ब्लैकआउट मॉक ड्रिल के दौरान, सबसे पहले शहर की बिजली आपूर्ति को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद प्रशासन और आपातकालीन सेवाओं के द्वारा विभिन्न कदम उठाए जाएंगे, जैसे:
- आग बुझाने का अभ्यास: इस ड्रिल में आग बुझाने के विभिन्न तरीकों का प्रदर्शन किया जाएगा, ताकि यह देखा जा सके कि किस तरह से आग लगने की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सकती है।
- प्राथमिक चिकित्सा: घायलों को प्राथमिक चिकित्सा देने की प्रक्रिया का अभ्यास किया जाएगा, ताकि आपातकालीन स्थिति में घायलों को सही समय पर चिकित्सा सेवा मिल सके।
- सुरक्षित निकासी: भवनों में फंसे हुए लोगों को सुरक्षित रूप से बाहर निकालने का अभ्यास किया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि युद्ध जैसी परिस्थितियों में लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सके।
- नागरिकों को जागरूक करना: इस दौरान नागरिकों को यह भी बताया जाएगा कि ब्लैकआउट जैसी परिस्थितियों में उन्हें किस प्रकार की सावधानी बरतनी चाहिए, जैसे- बिना आवश्यकता के घर से बाहर न निकलना, आपातकालीन सेवाओं का सही उपयोग करना आदि।
नागरिकों के लिए सुरक्षा उपाय
मॉक ड्रिल के दौरान नागरिकों को कुछ महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और किसी भी अफवाह या गलत सूचना पर ध्यान न दें। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि ब्लैकआउट के दौरान अस्पताल, पुलिस और अग्निशमन सेवाएं अपनी पूरी क्षमता से काम करती रहेंगी। नागरिकों को यह सलाह दी गई है कि वे सभी जरूरी आपातकालीन नंबर जैसे पुलिस, एंबुलेंस, अग्निशमन विभाग और अन्य सेवाएं पहले से अपने मोबाइल फोन में सेव कर लें।
इसके अलावा, नागरिकों को यह भी कहा गया है कि वे मॉक ड्रिल के दौरान प्रशासन द्वारा जारी किए गए सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें। यह स्थिति अस्थायी होगी और प्रशासन की तरफ से लोगों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
मॉक ड्रिल का महत्व
इस तरह की मॉक ड्रिल का आयोजन बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह नागरिक सुरक्षा के प्रति प्रशासन की गंभीरता को दर्शाता है। किसी भी आपातकालीन स्थिति में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है, और इस मॉक ड्रिल के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जब कभी भी ऐसी स्थिति आए, गोरखपुर प्रशासन के पास उसे संभालने के लिए पूरी तैयारी हो।
ब्लैकआउट मॉक ड्रिल नागरिकों और प्रशासन दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण सीख होगी। नागरिकों को यह समझ में आएगा कि युद्ध जैसी आपातकालीन स्थिति में उन्हें क्या कदम उठाने चाहिए, और प्रशासन को यह पता चलेगा कि उनके द्वारा तैयार की गई आपातकालीन सेवाएं कितनी प्रभावी हैं।
गोरखपुर में आयोजित होने वाली ब्लैकआउट मॉक ड्रिल नागरिक सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम है। यह प्रशासन की तत्परता और नागरिकों के बीच सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का अच्छा अवसर है। उम्मीद है कि इस मॉक ड्रिल से प्रशासन और नागरिकों दोनों को भविष्य में आने वाली किसी भी आपातकालीन स्थिति का सामना करने में मदद मिलेगी।