भोजपुरी संगीत जगत की जानी-मानी गायिका Anupama Yadav ने हाल ही में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान बुरी तरह से बदसलूकी का सामना किया। घटना 14 अक्टूबर को बिहार के नवादा जिले के वारिसलीगंज ब्लॉक के नारोमुरार गांव में हुई, जहां गायिका को न केवल शारीरिक रूप से हमला किया गया, बल्कि उनके कपड़े भी फाड़ दिए गए। इस घटना के बाद अनुपमा यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से गुहार लगाई है कि इस मामले में उचित कार्रवाई की जाए।
घटना का विवरण
अनुपमा यादव ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि वह एक कार्यक्रम के लिए नारोमुरार गांव पहुंची थीं। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के लिए उन्होंने शशि कुमार बikkु के साथ प्रदर्शन नहीं करने का निर्णय लिया था। हालांकि, जब वह वहां पहुंचीं, तो मुखिया अभिषेक आनंद ने उन पर दबाव डाला कि उन्हें शशि कुमार के साथ प्रदर्शन करना होगा। अनुपमा ने पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार तैयार होकर मंच पर गाने का निर्णय लिया, लेकिन यह सब कुछ सही नहीं हुआ।
बदसलूकी और हमला
जब अनुपमा यादव ने अपना प्रदर्शन समाप्त किया और मंच से नीचे उतरने लगीं, तभी मुखिया ने अपने समर्थकों के साथ मिलकर उनकी कार को घेर लिया और उन पर हमला कर दिया। अनुपमा के अनुसार, इस दौरान उनके साथियों को भी पीटा गया और उन्हें गालियाँ दी गईं। अनुपमा ने यह भी बताया कि पुलिस वहां मौजूद थी, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। वह किसी तरह वहां से निकल पाईं, लेकिन उन्हें लगातार धमकियाँ मिलती रहीं।
मुख्यमंत्री से अपील
इस घटना के बाद अनुपमा यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को संबोधित करते हुए कहा कि यदि वे महिलाओं के सशक्तिकरण की बात करते हैं, तो इस मामले में गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि नवादा महिला थाना में जाने के बाद, उन्हें वारिसलीगंज पुलिस स्टेशन भेजा गया, जहां उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई। अनुपमा ने स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी जाति का आरोप नहीं लगाया है, बल्कि मुखिया पर ही उनका गुस्सा है।
जातिवाद का मुद्दा
अनुपमा यादव ने कहा कि उनके साथ हुए दुर्व्यवहार के पीछे जातिवाद का एक बड़ा कारण था। घटना के दौरान, उन्होंने बताया कि जो व्यक्ति उनके साथ बदसलूकी कर रहा था, उसने कहा कि वह भूमिहार है और यह उसकी गांव है। उसने यह भी धमकी दी कि अगर वह नहीं रुकीं, तो वह उन्हें मार देंगे। यह स्थिति इस बात की ओर संकेत करती है कि आज भी बिहार में जातिवाद का जहर समाज में मौजूद है।
समाज में व्याप्त जातिवाद
जातिवाद भारतीय समाज का एक गंभीर मुद्दा है, जो विभिन्न जातियों के बीच भेदभाव और पूर्वाग्रह को जन्म देता है। भोजपुरी गायिका अनुपमा यादव की घटना इस बात का स्पष्ट उदाहरण है कि कैसे जातिवाद के कारण लोगों के व्यवहार में असहिष्णुता बढ़ रही है। कलाकारों को समाज में एक सकारात्मक संदेश देने का प्रयास करना चाहिए, लेकिन जब वे खुद ऐसे दुर्व्यवहार का सामना करते हैं, तो यह अन्य कलाकारों के लिए भी एक चिंता का विषय बन जाता है।
पुलिस की भूमिका
इस घटना में पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। जब घटना स्थल पर पुलिस मौजूद थी, तो उन्होंने क्यों कोई कार्रवाई नहीं की? क्या पुलिस को ऐसी घटनाओं के प्रति अधिक जागरूक होने की आवश्यकता नहीं है? यह जरूरी है कि पुलिस ऐसी घटनाओं पर तुरंत कार्रवाई करे और समाज में एक सुरक्षित वातावरण बनाए।