Basti News: पुलिस स्टेशन क्षेत्र में दंगों से निपटने की तैयारी के तहत, रविवार को पुलिस द्वारा एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का नेतृत्व प्रभारी निरीक्षक विजय दुबे ने किया। इसमें कुल नौ टीमें बनाई गईं, जिनमें एसआई अनिरुद्ध यादव और कृष्ण कुमार साहू समेत होम गार्ड, चौकीदार और कुछ स्थानीय नागरिक शामिल थे।
मॉक ड्रिल का उद्देश्य और आयोजन
दंगों से निपटने के लिए पुलिस और प्रशासन की तत्परता को बनाए रखने के लिए यह मॉक ड्रिल की गई। पुलिस और होम गार्ड की टीमें, जो अभ्यास में भाग ले रही थीं, उन्हें अलग-अलग जिम्मेदारियों के साथ सुसज्जित किया गया था। इस अभ्यास में दंगाई भीड़ को नियंत्रित करने, स्थिति को संभालने और संभावित घायलों को मदद पहुंचाने के लिए संपूर्ण प्रक्रिया का अभ्यास किया गया।
ड्रिल के दौरान की गई व्यवस्थाएं
मॉक ड्रिल की शुरुआत के दौरान, निरीक्षक विजय दुबे के नेतृत्व में पुलिस की टीमों ने विभिन्न संभावित स्थितियों से निपटने की रणनीतियां अपनाईं। इसमें यह भी शामिल था कि कैसे स्थानीय नागरिकों के साथ सामंजस्य बिठाकर शांति बनाए रखी जाए।
ड्रिल के दौरान, पुलिस टीम को बताया गया कि उनके पास एक ऐसा परिदृश्य है जिसमें कुछ लोग दंगे में घायल (कल्पनिक) हो गए हैं और एक व्यक्ति (कल्पनिक) की मौत हो गई है। इस पर, त्वरित कदम उठाते हुए पहले घायलों को प्राथमिक चिकित्सा प्रदान की गई और उन्हें समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विक्रमजोत ले जाया गया।
चिकित्सा सहायता और अन्य प्रबंध
घायलों को प्राथमिक चिकित्सा प्रदान करने के लिए ‘फर्स्ट एड मेडिकल पार्टी’ ने तत्परता दिखाई। इसके साथ ही रिजर्व पुलिस पार्टी द्वारा घायलों को विक्रमजोत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ले जाया गया। इसके बाद मृतक के (कल्पनिक) पं.चायतनामा की कार्यवाही भी पूरी की गई और उसका शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।
वायरलेस के माध्यम से सूचना संप्रेषण
पुलिस की टीम ने घटनास्थल से वरिष्ठ अधिकारियों को वायरलेस के माध्यम से सूचना दी, ताकि उन्हें स्थिति का पूर्ण जानकारी मिल सके और वे उचित कदम उठा सकें। यह अभ्यास दिखाता है कि ऐसे संकट की स्थिति में सूचना का त्वरित संप्रेषण कितना महत्वपूर्ण है।
एफआईआर दर्ज और विडियोग्राफी
दंगे में शामिल (कल्पनिक) दंगाइयों के खिलाफ थाना कैंटोनमेंट में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई गई। पूरे मॉक ड्रिल की वीडियोग्राफी भी कराई गई, ताकि अभ्यास में किसी तरह की कमी होने पर उसका विश्लेषण किया जा सके और अगले अभ्यास में इसे सुधारा जा सके।
स्थानीय नागरिकों की भागीदारी और प्रतिक्रिया
इस मॉक ड्रिल के दौरान पुलिस द्वारा स्थानीय नागरिकों को भी शामिल किया गया, जिससे उन्हें दंगों के समय क्या कदम उठाने चाहिए, इसका अभ्यास कराया जा सके। स्थानीय नागरिकों ने इस कदम की सराहना की और माना कि इस तरह की तैयारियों से वे भी आने वाली किसी भी स्थिति से बेहतर ढंग से निपट सकेंगे।
मॉक ड्रिल का समापन और भविष्य के लिए सुझाव
मॉक ड्रिल का समापन होते ही प्रभारी निरीक्षक विजय दुबे ने सभी टीमों को संबोधित करते हुए कहा कि दंगों जैसी स्थिति से निपटने के लिए हमें हमेशा तैयार रहना चाहिए। इस प्रकार के अभ्यास पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच विश्वास को मजबूत करने में सहायक हैं।
पुलिस द्वारा किया गया यह मॉक ड्रिल न केवल एक तैयारी का हिस्सा था बल्कि यह दिखाता है कि प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से सक्षम है।