Basti News: आवास विकास कॉलोनी के प्रवेश मार्ग पर इंटरलॉकिंग सड़क और नाली निर्माण के गुणवत्ता पर प्रश्न उठ रहे हैं। निर्माण कार्य में न केवल अन्य सामग्रियों की अनदेखी की जा रही है, बल्कि खुदाई के दौरान निकाली गई पुरानी ईंटों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
निर्माण कार्य की स्थिति
इस निर्माण कार्य का बजट ₹70 लाख है, जो जिला शहरी विकास एजेंसी के तहत स्वीकृत किया गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नाली की निर्माण में गुणवत्ता की कोई परवाह नहीं की जा रही है। कार्य की निगरानी करने वाले अधिकारी भी अब इसमें रुचि नहीं ले रहे हैं।
निर्माण कार्य की शुरुआत में, नाली के खुदाई के दौरान अतिक्रमण एक बड़ी बाधा बन गया था। इस क्षेत्र के लिए 12 मीटर चौड़े स्थान की आवश्यकता थी, जिसमें कुछ लोगों की सीमा दीवारें थीं। स्थानीय निवासियों ने इस समस्या को उठाया, जिसके बाद ADM प्रतिपाल सिंह चौहान ने लगभग दो हफ्ते पहले स्थल का निरीक्षण किया।
अतिक्रमण का समाधान
प्रशासनिक टीम ने सड़क और नाली निर्माण के लिए 12 मीटर चौड़े क्षेत्र को अतिक्रमण से मुक्त कर दिया। इसके बाद, कार्य को आगे बढ़ाने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों ने निर्माण कार्य की निगरानी करने में रुचि लेना बंद कर दिया।
नाली की खुदाई शुरू हुई, लेकिन स्थानीय निवासियों का कहना है कि निर्माण के दौरान गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। राम प्रवेश ने कहा, “नाली का निर्माण बहुत तेजी से किया जा रहा है और यह सामग्री की गुणवत्ता बहुत खराब है।”
निर्माण में गुणवत्ता की कमी
प्रशांत ने कहा, “सीमेंट, बजरी और रेत की मात्रा की तो बात छोड़िए, नाली की दीवार पुरानी ईंटों से बनाई जा रही है। इसके ऊपर प्लास्टर लगाकर कमियों को छिपाने का प्रयास किया जा रहा है।”
स्थानीय निवासियों ने बताया कि निर्माण कार्य में इस प्रकार की अनियमितता और गुणवत्ता की कमी के चलते उनकी चिंता बढ़ रही है। जब शीर्ष अधिकारी साइट का निरीक्षण करने आए थे, तब भी उन्हें इसकी जानकारी दी गई थी, लेकिन उसके बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
अधिकारी की चुप्पी
जब इस मामले पर जिला शहरी विकास एजेंसी के अधिकारियों से संपर्क किया गया, तो उन्होंने इस पर कोई स्पष्टता नहीं दी। उनके पास मौजूद योजनाओं और प्रक्रियाओं के अनुसार कार्य करने के बजाय, यह स्पष्ट दिख रहा है कि वे काम की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि इस निर्माण कार्य को समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरा नहीं किया गया, तो उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ेगा, खासकर बारिश के मौसम में जब नालियों का काम पूरी तरह से ठप हो जाएगा।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए, निवासियों ने मांग की है कि जिला प्रशासन इस मामले में हस्तक्षेप करे और सुनिश्चित करे कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि यदि निर्माण कार्य में सुधार नहीं होता है, तो वे सामूहिक रूप से विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।
यह मामला न केवल बस्ती जिले में आवास विकास कॉलोनी के निवासियों के लिए एक चिंता का विषय है, बल्कि यह पूरे प्रशासनिक ढांचे की गुणवत्ता और जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाता है। ऐसे में, यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए, तो इसका खामियाजा सभी को भुगतना पड़ेगा।
इस घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया है कि स्थानीय प्रशासन को निर्माण कार्य की निगरानी के लिए अधिक सक्रिय होना होगा। इससे न केवल स्थानीय निवासियों का विश्वास बढ़ेगा, बल्कि यह सुनिश्चित करेगा कि विकास योजनाएँ सही तरीके से और गुणवत्ता के साथ लागू हों।
स्थानीय निवासियों ने एकजुट होकर इस मुद्दे को उठाने का निर्णय लिया है और वे प्रशासन से उम्मीद करते हैं कि उनकी आवाज़ सुनी जाएगी। उनका कहना है कि अगर इस दिशा में कार्रवाई नहीं की गई, तो वे सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होंगे।
इसलिए, यह जरूरी है कि प्रशासन अपनी जिम्मेदारियों को समझे और ऐसे मुद्दों को गंभीरता से ले, ताकि स्थानीय निवासियों को बेहतर सेवाएं और गुणवत्ता का निर्माण मिल सके।