Basti News: बस्ती के रामपुर रेवती क्षेत्र में हुए हरिकांत अग्रहरी हत्याकांड की जांच में अब फोरेंसिक टीम ने अपना हाथ आजमाया है। बुधवार को गोरखपुर से आई फोरेंसिक टीम ने घटना स्थल पर पहुंचकर मामले की छानबीन की। टीम ने संजय सिंह के नेतृत्व में घटनास्थल का पुनर्निर्माण किया और इसके माध्यम से हत्या की घटना के कड़ी जोड़ने की कोशिश की।
हरिकांत अग्रहरी की हत्या, एक सुलझी न सकने वाली पहेली
यह हत्या 2 मई को हुई थी और अभी तक पुलिस के लिए यह मामला एक गूढ़ पहेली बना हुआ है। हरिकांत अग्रहरी, जो कि सामान बेचने का काम करता था, 2 मई की रात को अपने पिता भास्कर गुप्ता के पास बिस्तर पर सो रहा था। रात के लगभग 11 बजे उसे मोबाइल पर एक कॉल आया, जिसके बाद वह अपने घर से बाहर निकला। उसके बाद, वह लगभग 1 बजे खून से सना हुआ घर लौटा। उसका शरीर बुरी तरह घायल था और उसके मुँह में कपड़ा ठूसा हुआ था, जबकि दोनों हाथ बंधे हुए थे।
हरिकांत की यह हालत देखकर परिवार के लोग डर गए थे। परिवार का कहना है कि हरिकांत ने इशारे से बताया कि उसे तीन लोगों ने पकड़कर घर से 500 मीटर दूर बैंकटी रोड पर ले जाकर उसके हाथ बांध दिए थे और फिर उसकी हत्या कर दी।
फोरेंसिक टीम ने मामले की जांच में की मदद
हरिकांत के परिवार के सदस्य और गांववाले मामले की त्वरित सुलझान की उम्मीद में हैं। इस दौरान, गोरखपुर से आई फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का दौरा किया और वहां के सभी घटनाक्रमों का बारीकी से निरीक्षण किया। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का पुनर्निर्माण किया और प्रयास किया कि यह पता चल सके कि हत्यारे कहां से आए थे, हत्या कैसे हुई और क्या कोई महत्वपूर्ण सुराग बचा हुआ है।
फोरेंसिक टीम का प्रमुख संजय सिंह ने कहा कि उनकी टीम हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि घटना स्थल का पुनर्निर्माण करने से उन्हें यह समझने में मदद मिली कि घटनास्थल पर क्या हुआ था और किन परिस्थितियों में हत्याकांड को अंजाम दिया गया।
मर्डर का कारण और संदिग्धों का पता नहीं चल पाया
हरिकांत के परिवार के लोग अभी तक इस हत्या के कारण का पता नहीं लगा पाए हैं। पुलिस और फोरेंसिक टीम अब तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई है। परिवार ने उच्च अधिकारियों से मामले की शीघ्र समाधान की अपील की है और कहा है कि यदि मामले का जल्द खुलासा नहीं होता है, तो इससे गांव में डर का माहौल बनेगा।
मामले में कई संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की गई है, लेकिन अभी तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है। पुलिस द्वारा यह भी जांचा जा रहा है कि क्या हरिकांत का किसी से कोई विवाद था या फिर यह हत्या किसी निजी रंजिश का परिणाम है।
परिवार ने उच्च अधिकारियों से की मामले की जल्द सुलझाने की अपील
हरिकांत के परिवार ने उच्च अधिकारियों से मामले के शीघ्र समाधान की अपील की है। परिवार के सदस्य ने कहा कि पुलिस को जल्द ही हत्यारों का पता लगाना चाहिए ताकि न्याय मिल सके। हरिकांत के परिवार का कहना है कि अगर हत्यारे जल्द पकड़े जाते हैं, तो इस दर्दनाक घटना को लेकर उनका मानसिक शांति मिल सकेगा।
हरिकांत की पत्नी और अन्य परिवार के सदस्य इस जघन्य अपराध के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस हत्या के कारण उनका जीवन तबाह हो गया है और वे चाहते हैं कि पुलिस शीघ्र कार्रवाई करें।
पुलिस की जांच और अगला कदम
पुलिस की जांच अब भी जारी है, लेकिन हत्यारों का पता लगाना और इस जघन्य अपराध को सुलझाना अब तक एक चुनौती बना हुआ है। पुलिस विभिन्न पहलुओं पर काम कर रही है और परिवार के सभी सदस्यों से पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा, पुलिस यह भी जांच रही है कि क्या घटनास्थल के आसपास कोई अन्य सुराग मिला है जो मामले को सुलझाने में मदद कर सके।
साथ ही, पुलिस यह भी देख रही है कि क्या किसी ने घटना को देखा है और क्या कोई ऐसा गवाह है, जो पुलिस को मामले में मदद कर सके। पुलिस की प्राथमिकता इस मामले की त्वरित और सटीक जांच करना है, ताकि हत्यारों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
रामपुर रेवती की हत्या का मामला अभी भी एक पहेली बना हुआ है और पुलिस और फोरेंसिक टीम अपनी जांच में जुटी हुई है। हालांकि, अभी तक मामले में कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका है, लेकिन जांच अधिकारियों का कहना है कि वे हर पहलू पर काम कर रहे हैं और जल्द ही इस मामले को सुलझाने की कोशिश करेंगे। हरिकांत के परिवार और गांववाले इस दुखद घटना को लेकर न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं और उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही इस जघन्य अपराध के दोषियों को सजा मिलेगी।