Basti News: बस्ती जिले के सेवरा लाला गांव के पास स्थित कैंटोनमेंट पुलिस थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। एक वैन, जिसमें 17 बच्चे सवार थे, अचानक पेड़ से टकराकर पलट गई, जिससे 13 बच्चे घायल हो गए। घायलों को तुरंत हरा बैरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया गया, जिनमें से तीन बच्चों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर किया गया। यह घटना सुबह करीब 7:30 बजे हुई, जब वैन सेवरा लाला गांव से राजा लेट मिशन स्कूल अमोड़ा की ओर जा रही थी।
हादसे का कारण
वैन का चालक सोनू, जो अमोड़ा का निवासी है, 17 बच्चों को लेकर स्कूल जा रहा था। हादसे के समय चालक ने एक किलोमीटर का सफर तय किया था, तभी अचानक वैन नियंत्रण से बाहर हो गई और एक पेड़ से टकराकर पलट गई। हादसा इतना भयंकर था कि बच्चे चिल्लाने लगे, जिससे पास के गांव वाले तुरंत मौके पर पहुंचे और घायल बच्चों को वैन से बाहर निकाला।
स्थानीय लोगों ने बताया कि वैन के पलटने से पहले उन्होंने वैन चालक को मोबाइल पर बात करते हुए देखा था। बच्चों ने भी हादसे के बाद पुलिस को बताया कि दुर्घटना के समय चालक मोबाइल पर बात कर रहा था, जिससे वह वैन पर नियंत्रण नहीं रख सका। यह घटना सड़क सुरक्षा नियमों की गंभीर अवहेलना को दर्शाती है, जो बच्चों की जान को खतरे में डालने का कारण बनी।
घायल बच्चों की स्थिति
हादसे के बाद, सभी घायल बच्चों को पास के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया गया। डॉक्टरों के अनुसार, कुछ बच्चों की हालत गंभीर थी, जिनमें से तीन बच्चों को जिला अस्पताल भेजा गया। अन्य बच्चों का इलाज किया जा रहा है और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। हादसे के दौरान, बच्चों के माता-पिता और आसपास के लोग घबराए हुए थे, क्योंकि यह एक बहुत ही नजदीकी और भयावह घटना थी।
चालक की लापरवाही
इस हादसे के बारे में जानकारी देते हुए हरैया के सीओ संजय सिंह ने बताया कि ड्राइवर की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। उन्होंने कहा, “वह मोबाइल पर बात कर रहा था, जिससे वह वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। इस लापरवाही के कारण बच्चों की जान खतरे में पड़ गई। इस मामले में ड्राइवर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
सीओ संजय सिंह ने यह भी बताया कि पुलिस ने वैन के दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वैन में सभी जरूरी सुरक्षा उपकरण और कागजात थे या नहीं। इसके साथ ही, बच्चों को ले जाने वाली वैन के मालिक के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि स्कूल वाहन के मानकों का पालन करना उनकी जिम्मेदारी होती है।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद, आसपास के लोग और स्थानीय ग्रामीण इस हादसे पर गहरे दुखी और गुस्से में हैं। कई ग्रामीणों ने यह कहा कि इस प्रकार की घटनाएं बच्चों की सुरक्षा के प्रति लापरवाही को दर्शाती हैं। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “अगर चालक मोबाइल पर बात न कर रहा होता तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था। हमें बच्चों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने की जरूरत है।”
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि वह इस प्रकार के हादसों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए और स्कूल वैनों की नियमित जांच की व्यवस्था सुनिश्चित करें। इसके साथ ही, स्कूल प्रशासन से भी यह उम्मीद की गई है कि वह बच्चों की सुरक्षा के लिए अधिक सतर्क रहें।
प्रशासन की जिम्मेदारी
इस हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर क्या कदम उठाए जा रहे हैं। स्कूल प्रशासन, परिवहन विभाग और पुलिस को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि स्कूल वैन में बच्चों को ले जाने वाले चालक पूरी तरह से प्रशिक्षित हों और वे सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें। खासकर, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि वे यात्रा के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें, जो एक प्रमुख कारण है दुर्घटनाओं का।
इसके अलावा, बच्चों को ले जाने वाली वैनों की नियमित जांच और उनका निरीक्षण करना भी जरूरी है। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है और बच्चों के लिए सुरक्षित यात्रा की व्यवस्था की गई है। इस प्रकार के कदमों से भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सकता है।
बस्ती जिले में हुए इस दर्दनाक सड़क हादसे ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा के मुद्दे को प्रकाश में लाया है। जहां एक ओर चालक की लापरवाही और मोबाइल का इस्तेमाल हादसे का कारण बने, वहीं दूसरी ओर यह घटना यह साबित करती है कि बच्चों के लिए सुरक्षित परिवहन व्यवस्था कितनी जरूरी है। इस हादसे से प्रशासन को यह सिखने की आवश्यकता है कि बच्चों की यात्रा के दौरान उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए और इस प्रकार के हादसों से बचने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।
आखिरकार, यह हादसा बच्चों, उनके परिवारों और स्थानीय समुदाय के लिए बहुत दुखदायी है, और यह हमें यह याद दिलाता है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचना हमारी जिम्मेदारी है।