Gorakhpur में पिता की हत्या के आरोपी अरविंद ने थाने में की आत्महत्या की कोशिश, पुलिस ने समय रहते बचाई जान

Gorakhpur में पिता की हत्या के आरोपी अरविंद ने थाने में की आत्महत्या की कोशिश, पुलिस ने समय रहते बचाई जान

Gorakhpur के गगहा थाना क्षेत्र में रविवार को एक अजीबो-गरीब घटना सामने आई, जब पिता की हत्या के आरोपी अरविंद ने थाने में आत्महत्या करने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक, अरविंद ने अपनी बनियान से फांसी का फंदा बनाकर खुदकुशी करने की कोशिश की, लेकिन गनीमत रही कि समय रहते पुलिसकर्मियों ने उसे देख लिया और उसकी जान बचाई। इस घटना के बाद अरविंद को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है।

क्या है पूरा मामला?

गगहा थाना क्षेत्र के गेवरापार गांव में गुरुवार रात को एक 45 वर्षीय राम प्यारे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। अरविंद ने गांव वालों को पहले बताया कि उसके पिता की मृत्यु दिल का दौरा पड़ने से हुई है। हालांकि, जब ग्रामीणों ने राम प्यारे का शव देखा, तो उनके गले पर रस्सी के निशान पाए गए। इस संदिग्ध स्थिति को देखकर गांववासियों को शक हुआ और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए अरविंद को हिरासत में लिया और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।

Gorakhpur में पिता की हत्या के आरोपी अरविंद ने थाने में की आत्महत्या की कोशिश, पुलिस ने समय रहते बचाई जान

अरविंद का बयान और पुलिस की जांच:

पुलिस ने अरविंद से पूछताछ की तो उसने शुरू में कहा कि उसके पिता की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई थी, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद इस मौत के बारे में असली कारण सामने आ सकेगा। पुलिस को संदेह है कि अरविंद ने कोई साजिश रची है, क्योंकि शव के गले पर रस्सी के निशान पाए गए थे, जो आत्महत्या की ओर इशारा कर रहे थे। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि अरविंद ने दिल्ली से हाल ही में गांव लौटने के बाद अपने पिता की हत्या की।

दिल्ली से लौटा था अरविंद, पारिवारिक तनाव और नशे की लत:

अरविंद कुछ समय से दिल्ली में काम कर रहा था और वह केवल चार दिन पहले ही अपने गांव लौटा था। उसकी पारिवारिक स्थिति भी अस्थिर थी, क्योंकि उसकी पत्नी अपने मायके चली गई थी। इस तनाव के बीच, पुलिस का कहना है कि अरविंद नशे का आदी है और अक्सर स्मैक का सेवन करता है, जिससे उसकी मानसिक स्थिति खराब हो गई थी। यही मानसिक अस्थिरता उसकी आत्महत्या की कोशिश और पिता की हत्या से जुड़ी हो सकती है। पुलिस ने उसकी मानसिक स्थिति पर भी ध्यान देना शुरू कर दिया है और इस पहलू पर भी जांच की जा रही है कि क्या उसके नशे की लत ने उसे यह कदम उठाने के लिए प्रेरित किया।

थाने में आत्महत्या की कोशिश:

रविवार को जब अरविंद को थाने में रखा गया था, तो उसने वहां आत्महत्या करने की कोशिश की। उसने अपनी बनियान से फांसी का फंदा बना लिया और आत्महत्या करने की कोशिश की। लेकिन पुलिसकर्मियों की सतर्कता के कारण उसे समय रहते देखा गया और उसकी जान बचाई गई। पुलिस ने तुरंत अरविंद को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई गई है। इस घटना ने सभी को हैरान कर दिया, क्योंकि किसी व्यक्ति का थाने में आत्महत्या करने का प्रयास एक गंभीर मानसिक समस्या की ओर इशारा करता है।

पुलिस का बयान:

गगहा थाना के पुलिस अधिकारियों ने इस मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए बताया कि अरविंद पर अपने पिता की हत्या का आरोप है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अरविंद की मानसिक स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है, क्योंकि उसके नशे की लत ने उसकी सोच और मानसिक संतुलन को बुरी तरह प्रभावित किया है। पुलिस ने यह भी कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अरविंद के बयान के आधार पर मामले की जांच की जाएगी और यदि कोई साजिश सामने आई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

गांववासियों की प्रतिक्रिया:

अरविंद के इस आत्महत्या के प्रयास से उसके परिवार और गांव के लोग भी चकित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अरविंद की मानसिक स्थिति कुछ समय से ठीक नहीं थी, और उसकी नशे की लत ने स्थिति को और भी बिगाड़ दिया। गांव वालों का मानना है कि वह अपनी परेशानियों से भागने के लिए नशे का सहारा लेता था, जिससे उसका मानसिक संतुलन बिगड़ गया था। इसके कारण उसने आत्महत्या का प्रयास किया, हालांकि पुलिस ने समय रहते उसे बचा लिया।

नशे की लत ने बिगाड़ दी अरविंद की जिंदगी:

अरविंद की जिंदगी नशे की लत के कारण पूरी तरह से बदल चुकी थी। स्मैक के सेवन ने उसकी मानसिक और शारीरिक स्थिति को पूरी तरह से बिगाड़ दिया था। नशे के कारण वह न केवल अपने परिवार से दूर हो गया था, बल्कि अब वह गंभीर अपराधों में भी फंस चुका था। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या नशे की लत ने ही उसे अपने पिता की हत्या करने के लिए उकसाया।

 गोरखपुर के गगहा थाना क्षेत्र में घटित यह घटना एक बार फिर से नशे की लत और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दे को उजागर करती है। अरविंद का आत्महत्या करने का प्रयास और उसके ऊपर पिता की हत्या का आरोप दोनों ही मामले समाज में नशे के बढ़ते प्रभाव पर गंभीर सवाल उठाते हैं। पुलिस अब इस मामले की गहन जांच कर रही है और अरविंद की मानसिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए उसे सावधानीपूर्वक पूछताछ की जा रही है। उम्मीद की जाती है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद इस मामले की पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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