Amit Shah का सागर मंथन अभियान: नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहीम के करीबी सहयोगी और wanted तस्कर हाजी सलिम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन सागर मंथन’ के तहत की जा रही है, जो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशों पर आधारित है। हाजी सलिम को ‘लॉर्ड ऑफ ड्रग्स’ के नाम से भी जाना जाता है और उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मादक पदार्थों की तस्करी में एक प्रमुख आरोपी माना जाता है।
हाजी सलिम की गिरफ्तारी के लिए बड़ा अभियान
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने हाजी सलिम के द्वारा चलाए जा रहे मादक पदार्थों के कार्टल को खत्म करने के लिए एक बड़ी मुहिम शुरू की है। इस अभियान के तहत, शनिवार को गुजरात के पोरबंदर में एक संयुक्त ऑपरेशन के दौरान 700 किलोग्राम मादक पदार्थ बरामद किए गए, जिनकी कीमत करीब 2000 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह ड्रग्स ईरानी नाव के जरिए भारत लाए जा रहे थे।
अधिकारियों का मानना है कि ये ड्रग्स पाकिस्तान के ISI द्वारा भेजे गए थे और इसके पीछे पाकिस्तान में मौजूद ड्रग माफिया, विशेषकर सलिम माफिया का हाथ हो सकता है। मार्च 2024 में भी ATS ने 6 पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ्तार किया था, जिनसे मादक पदार्थों का एक बड़ा स्टॉक जब्त किया गया था।
हाजी सलिम कौन है?
हाजी सलिम को दाऊद इब्राहीम का खास आदमी माना जाता है, जो D कंपनी के कार्यों की निगरानी भी करता है। हाजी सलिम पाकिस्तान में बैठकर अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थों की तस्करी करता है और NCB उसे कई वर्षों से ट्रैक कर रहा है। उसके द्वारा भेजी गई ड्रग्स की consignments करोड़ों रुपये की बरामद की जा चुकी हैं।
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के उप महानिदेशक, ज्ञानेश्वर सिंह ने एएनआई से बातचीत में कहा, “हाजी सलिम दुनिया के सबसे बड़े ड्रग तस्करों में से एक है, जो हेरोइन, मेथामफेटामाइन और अन्य अवैध नशीली पदार्थों की बड़ी consignments को एशिया, अफ्रीका और पश्चिमी देशों में फैले अपने नेटवर्क के माध्यम से तस्करी करता है।”
उन्होंने आगे कहा, “हाजी सलिम का नेटवर्क बहुत बड़ा है और हम पिछले कई वर्षों से उसे ट्रैक कर रहे हैं, लेकिन अभी इस मामले में हम किसी भी नाम पर टिप्पणी नहीं करना चाहेंगे क्योंकि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है।”
हाजी सलिम के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दबाव
ज्ञानेश्वर सिंह ने बताया कि हाजी सलिम एक बड़े मादक पदार्थ तस्कर सिंडिकेट का नेता है, जो भारत, श्रीलंका, मॉरीशस, मालदीव जैसे देशों में मादक पदार्थों की तस्करी करता है। उन्हें पकड़ने के लिए कई देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियां सक्रिय हैं, जिनमें अमेरिका, मलेशिया, ईरान, श्रीलंका, मॉरीशस, न्यूजीलैंड और अफगानिस्तान शामिल हैं।
उन्होंने कहा, “वह भारतीय महासागर क्षेत्र के सबसे वांछित माफियाओं में से एक है। उसका ऑपरेशन विशाल है और उसका तस्करी गैंग बेहद मजबूत है।”
हाजी सलिम का ड्रग सिंडिकेट और NCB की कार्रवाई
2015 में हाजी सलिम का ड्रग सिंडिकेट पहली बार केरल के तट पर पकड़ा गया था, जब वहां मादक पदार्थों की एक बड़ी खेप बरामद हुई थी। इसके बाद, NCB ने पिछले दो सालों में करीब 40,000 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थों को जब्त किया है। हालांकि, गिरफ्तारी और जब्ती के बावजूद सलिम ने अपनी अवैध गतिविधियां जारी रखी हैं।
NCB के अधिकारी इस बात को लेकर चिंतित हैं कि हाजी सलिम का नेटवर्क इतनी विशालता में फैल चुका है कि उसके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करना एक चुनौती बन चुका है। इसके बावजूद, केंद्र सरकार और NCB का इरादा हाजी सलिम और उसकी तस्करी के नेटवर्क को समाप्त करने का है।
हाजी सलिम के खिलाफ चल रही कार्रवाई यह साबित करती है कि भारत सरकार और NCB ड्रग माफियाओं के खिलाफ निर्णायक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अमित शाह की योजना ने पाकिस्तान में बैठे इन माफियाओं की नींद उड़ा दी है, और उम्मीद है कि जल्द ही इस नेटवर्क को पूरी तरह से नष्ट किया जाएगा।