समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री Akhilesh Yadav ने महाकुंभ 2025 के लिए दिए जा रहे निमंत्रण पर सवाल उठाए हैं। लखनऊ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने कहा, “कुंभ में निमंत्रण नहीं दिया जाता। लोग अपनी आस्था से कुंभ में खुद आते हैं।” उन्होंने कहा, “हमारे धर्म में पढ़ा और सीखा है कि लोग ऐसे आयोजनों में अपनी श्रद्धा से आते हैं। क्या करोड़ों लोगों को जो कुंभ में आएंगे, उन्हें निमंत्रण दिया गया है? यह सरकार अलग है।”
कुंभ की तैयारी पर टिप्पणी
Akhilesh Yadav ने कहा कि अगर कुंभ का आयोजन ठीक तरीके से किया जाए, तो हम मदद करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा, “मैंने कुंभ की हकीकत जांचने के लिए पत्रकारों को भेजा था। सबकी सच्चाई सामने आ गई है।”
विहिप और अवैध निर्माण पर निशाना
विहिप (विष्व हिंदू परिषद) से जुड़े सवाल पर Akhilesh Yadav ने कहा, “जो हर दिन खुदाई का काम कर रहे हैं, उन्हें मुख्यमंत्री आवास में भी खुदाई करनी चाहिए। वहां शिव मंदिर है, शिवलिंग मिलेगा।” उन्होंने राज्यपाल आवास पर भी अवैध निर्माण का आरोप लगाया और कहा, “राज्यपाल आवास में भी अवैध निर्माण हो रहा है।”
जर्मनी के बैलेट वोटिंग सिस्टम की तारीफ
Akhilesh Yadav ने जर्मनी के बैलेट सिस्टम पर बात करते हुए कहा कि वहां आज भी हर स्तर पर चुनाव बैलेट से होते हैं। उन्होंने कहा, “हमें भी अपनी वोटिंग प्रक्रिया में भरोसा दोबारा पैदा करना होगा। हमारे संस्थानों पर से विश्वास खत्म हो रहा है।”
उन्होंने यह भी कहा, “जर्मनी में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर आप वोटिंग के लिए ईवीएम की मांग करते हैं, तो यह असंवैधानिक होगा। जब जर्मनी जैसा देश इसे स्वीकार कर रहा है, तो हमें भी सोचना चाहिए। हमें हार को स्वीकार करना चाहिए और विश्वास करना चाहिए कि हमने हार का सामना किया है। लेकिन यहां हारने वाला भी भरोसा नहीं कर रहा और जीतने वाला भी।”
महाकुंभ की तैयारियां अंतिम चरण में
प्रयागराज में अगले साल 13 जनवरी से शुरू होने वाले महाकुंभ की तैयारियां लगभग अंतिम चरण में हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने कुंभ की तैयारियों को युद्ध स्तर पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं कुंभ की तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं।
अखिलेश यादव का दावा और सरकार पर सवाल
अखिलेश यादव ने दावा किया कि सरकार महाकुंभ के नाम पर जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा, “सरकार महाकुंभ के नाम पर धर्म और आस्था का राजनीतिकरण कर रही है।”
आस्था और राजनीतिकरण का मुद्दा
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि महाकुंभ जैसे धार्मिक आयोजन में सरकार को राजनीतिकरण से बचना चाहिए। उन्होंने कहा, “धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालु अपनी आस्था से आते हैं, सरकार को इस पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।”
महाकुंभ 2025 को लेकर अखिलेश यादव ने सरकार की नीतियों और तैयारियों पर सवाल खड़े किए हैं। उनका मानना है कि कुंभ में निमंत्रण देने की जरूरत नहीं होती, लोग अपनी श्रद्धा से आते हैं। वहीं, उन्होंने जर्मनी के बैलेट सिस्टम की प्रशंसा करते हुए भारत में ईवीएम की प्रामाणिकता पर भी सवाल उठाए। अखिलेश यादव ने आस्था और राजनीति को अलग रखने की अपील की और कहा कि अगर सरकार कुंभ का आयोजन सही तरीके से करेगी, तो वे सहयोग करने को तैयार हैं।