Gorakhpur: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से एक शर्मनाक घटना सामने आई है, जिसमें एक बेटे ने अपनी माँ के साथ हैवानियत की। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह मामला गला पुलिस थाना क्षेत्र का है, जहाँ एक शराब के नशे में धुत बेटे ने अपनी विधवा माँ को अपनी वासना का शिकार बनाया। इससे पहले बुलंदशहर में भी ऐसी ही एक घटना सामने आई थी, जिसमें अदालत ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
मामला क्या है?
गोरखपुर के गला पुलिस थाना क्षेत्र में एक 53 वर्षीय विधवा महिला ने अपने छोटे बेटे के खिलाफ बलात्कार का आरोप लगाया है। पुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। कहा जा रहा है कि आरोपी नशे का आदी है। इस मामले में कार्रवाई तब की गई जब महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
महिला ने दी शिकायत
पुलिस ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि महिला ने थाने में शिकायत दी थी। शिकायत के अनुसार, 5 अक्टूबर को उसका छोटा बेटा शराब के नशे में घर आया और उसकी माँ के साथ बलात्कार किया। महिला ने इस घटना के बारे में अपने बड़े बेटे को बताया, जो दिल्ली में काम करता है। जानकारी मिलने पर, वह तुरंत गोरखपुर आया और माँ को लेकर पुलिस थाने गया।
पुलिस कार्रवाई
महिला ने पुलिस में अपनी शिकायत दर्ज कराई और आरोप लगाया कि उसके छोटे बेटे ने उसे बलात्कृत किया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर बलात्कार का मामला दर्ज किया और आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया।
बुलंदशहर का मामला
गौरतलब है कि इसी साल जनवरी में बुलंदशहर में भी ऐसी ही एक घटना हुई थी, जहाँ 36 वर्षीय अबिद ने अपनी 60 वर्षीय माँ के साथ बलात्कार किया था। उस मामले में भी, महिला के छोटे बेटे ने पुलिस में शिकायत की थी। अबिद ने अपनी माँ के साथ खेत में बलात्कार किया था और अदालत ने उसे सजा दी थी।
सामाजिक और कानूनी दृष्टिकोण
इस तरह की घटनाएँ समाज में गंभीर चिंताओं का विषय बनती जा रही हैं। जहाँ एक ओर परिवार का मुख्य उद्देश्य प्रेम और सहारा प्रदान करना होता है, वहीं दूसरी ओर ऐसे घिनौने कृत्य समाज के लिए कलंक बन जाते हैं। यह घटना न केवल परिवार की अस्मिता को हानि पहुँचाती है, बल्कि यह समाज में भय और असुरक्षा का माहौल भी बनाती है।
नारी सुरक्षा और जागरूकता
इस घटना ने नारी सुरक्षा की आवश्यकता को एक बार फिर से उजागर किया है। समाज में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। लोगों को जागरूक करना और कानूनी प्रावधानों के माध्यम से महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।