Gorakhpur के कैम्पियरगंज क्षेत्र में देर रात एक तीन मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई। इस आगजनी में इमारत में मौजूद कपड़ों और आभूषणों की दुकानें जलकर खाक हो गईं। आग इतनी तेजी से फैली कि इमारत के ऊपरी हिस्से में मौजूद कई लोग फंस गए। इस हादसे से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
आग कैसे लगी?
घटना देर रात कैम्पियरगंज क्षेत्र की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहले इमारत में स्थित एक दुकान से धुआं उठता हुआ देखा गया। देखते ही देखते आग ने पूरे तीन मंजिला इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। आगजनी की वजह से आसपास के लोग घबरा गए। पहले तो स्थानीय लोगों ने खुद आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन जब सफलता नहीं मिली, तो उन्होंने पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी।
दमकल विभाग ने बुझाई आग
सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। सबसे पहले इमारत के ऊपरी हिस्से में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद दमकल विभाग की गाड़ियों ने करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
इस दौरान आग में इमारत के अंदर रखा सामान, जिसमें कपड़े और आभूषण शामिल थे, पूरी तरह जलकर खाक हो गया। अनुमान है कि इस हादसे में करीब 25 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी की जान नहीं गई।
दुकानें और सामान जलकर खाक
आग की शुरुआत राहुल सर्राफा की दुकान से हुई। स्थानीय लोगों ने बताया कि दुकान में रखे सोने और चांदी के गहने पूरी तरह जलकर राख हो गए। इसी इमारत के ऊपरी मंजिल पर स्थित कपड़ों की दुकानें भी आग की चपेट में आ गईं। दुकानदारों के अनुसार, आगजनी में उनका सब कुछ खत्म हो गया है।
एक स्थानीय दुकानदार ने कहा, “हमने कभी सोचा भी नहीं था कि ऐसा हादसा होगा। हमारी दुकान में रखा हर सामान राख हो गया। हमें लाखों का नुकसान हुआ है।”
पुलिसकर्मी भी घायल
आग बुझाने के दौरान कैम्पियरगंज पुलिस के जवानों ने आसपास के घरों को खाली करवाया। इसी दौरान आग बुझाने के प्रयास में पुलिसकर्मी विवेक कुमार घायल हो गए। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया।
शॉर्ट सर्किट की आशंका
फिलहाल, आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रशासन ने इस घटना की जांच के आदेश दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम को बाजार में काफी भीड़भाड़ थी। इसी दौरान अचानक आग लग गई। कुछ लोगों का मानना है कि यह हादसा शॉर्ट सर्किट की वजह से हुआ हो सकता है।
प्रशासन ने दिलाया मदद का भरोसा
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम रोहित मौर्य और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित दुकानदारों से बात की। उन्होंने दुकानदारों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
एसडीएम रोहित मौर्य ने कहा, “हमने प्रभावितों से उनकी समस्याएं सुनी हैं। प्रशासन उनकी हर संभव मदद करेगा। आग के कारणों की जांच की जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।”
स्थानीय लोगों का भय और सवाल
इस हादसे के बाद इलाके में भय और असुरक्षा का माहौल है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पहले से क्या इंतजाम किए जा सकते हैं। स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि बाजार क्षेत्र में फायर सेफ्टी के उपाय बेहद कम हैं, जिससे इस तरह की घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है।
गोरखपुर में हुई यह घटना न केवल दुकानदारों के लिए एक बड़ा आर्थिक नुकसान है, बल्कि यह आग से सुरक्षा और जागरूकता की कमी को भी उजागर करती है। प्रशासन को चाहिए कि वह ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए फायर सेफ्टी के इंतजाम बढ़ाए और लोगों को जागरूक करे। इस हादसे से सबक लेते हुए फायर डिपार्टमेंट को बाजार क्षेत्र में नियमित निरीक्षण करना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को टाला जा सके।