Gorakhpur : मुंबई के अंधेरी में अपने फ्लैट में मृत पाई गई गोरखपुर की 25 वर्षीय पायलट शृष्टि तुली की मौत के मामले में एक नया मोड़ आया है। परिवार का कहना है कि उनकी बेटी शृष्टि आत्महत्या नहीं कर सकती। परिवार को विश्वास नहीं है कि उनकी जिंदादिल और संघर्षशील बेटी आत्महत्या कर सकती थी। परिवार ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और आरोप लगाया है कि कुछ अनहोनी घटना ने शृष्टि की जान ली।
परिवार का विश्वास और शृष्टि की संघर्षशीलता
शृष्टि तुली के पिता, विवेक तुली, का कहना है कि उनकी बेटी कभी आत्महत्या नहीं कर सकती। वे बताते हैं कि शृष्टि ने जीवन में हमेशा कठिनाइयों का सामना किया, लेकिन कभी भी हार नहीं मानी। शृष्टि अपनी जिंदगी में मुश्किलें आने पर भी हमेशा संघर्ष करती रही और अपने सपनों को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास करती रही। वे कहते हैं कि शृष्टि को आत्महत्या करना एकदम असंभावित था, क्योंकि वह खुद में इतनी ताकत रखती थी कि किसी भी मुश्किल से उबरने के लिए हमेशा तैयार रहती थी।
परिवार का यह भी कहना है कि शृष्टि और आदित्य पंडित के बीच पैसों का लेन-देन था। बैंक स्टेटमेंट्स से पता चला कि शृष्टि ने 31 अक्टूबर को आदित्य के परिवार को 15 हजार रुपये और 5 नवंबर को 50 हजार रुपये ट्रांसफर किए थे। यह तथ्य परिवार के लिए और भी संदेह उत्पन्न कर रहा है, क्योंकि उनका मानना है कि इस सब के पीछे कुछ और कारण हो सकते हैं।
घटनास्थल पर पाई गई परिस्थितियाँ और संदिग्ध पहलु
शृष्टि का शव मुंबई स्थित उनके फ्लैट में एक डाटा केबल से लटका हुआ पाया गया था, जो मात्र 1.5 मीटर लंबा था। शृष्टि का शरीर इस केबल से लटकना असामान्य लगता है, खासकर उस कमरे के पंखे की स्थिति को देखते हुए, जो सीधा था। सामान्य रूप से, यह स्थिति आत्महत्या के लिए प्राकृतिक नहीं मानी जाती है। इसके अलावा, शृष्टि के शव के पास कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला। इस सब के बीच, परिवार ने यह सवाल उठाया है कि शृष्टि के साथ क्या हुआ था, खासकर जब घटना के दिन रात को वह अपनी मां श्वेता और रिश्तेदारों से पूरी तरह सामान्य अवस्था में बात कर रही थी।
सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह थी कि घटना के समय शृष्टि का बॉयफ्रेंड आदित्य पंडित सुबह 4:30 बजे उसके फ्लैट में था। परिवार को यह समझ में नहीं आ रहा है कि आदित्य पंडित उस समय वहां क्या कर रहा था और क्या वह इस मामले में शामिल हो सकता है। शृष्टि के परिवार ने मुंबई पुलिस से सख्त मांग की है कि इस मामले की गहरी जांच की जाए और सच्चाई सामने लाई जाए।
शृष्टि की प्रेरणा और उसका सपना
शृष्टि तुली के परिवार ने बताया कि शृष्टि को पायलट बनने की प्रेरणा अपने दादा-परदादा से मिली थी। शृष्टि के दादा हंसराज तुली पंजाब पुलिस में थे और उनके दादा मेजर नरेंद्र कुमार तुली भारतीय सेना में थे। इन दोनों के कारण शृष्टि को देश सेवा और संघर्ष का सच्चा मतलब समझ में आया था। इसके साथ ही, शृष्टि को टीवी शो ‘उड़ान’ से भी पायलट बनने की प्रेरणा मिली थी। वह हमेशा से एक स्वतंत्र और साहसी महिला बनना चाहती थी, और उसने अपनी कड़ी मेहनत और समर्पण से एयर इंडिया में पायलट बनने का सपना पूरा किया।
शृष्टि के परिवार ने यह भी बताया कि वह पिछले कुछ समय से मुंबई में रहकर अपनी जिंदगी में सफल होने के लिए संघर्ष कर रही थी। गोरखपुर से मुंबई आई शृष्टि का केवल 20 दिन पहले ही मुंबई में बसने का विचार था। शृष्टि की मृत्यु से पहले उसके परिवार से आखिरी बार बातचीत की थी और वह पूरी तरह से सामान्य थी, जिससे यह मामला और भी रहस्यमय बन जाता है।
घटना की पूरी जानकारी:
25 वर्षीय शृष्टि तुली, जो एयर इंडिया में पायलट थी, 25 नवंबर को मुंबई के अंधेरी स्थित अपने फ्लैट में मृत पाई गई थी। शृष्टि और 27 वर्षीय आदित्य पंडित के बीच दो साल पुराना रिश्ता था। शृष्टि के एक रिश्तेदार का आरोप है कि आदित्य उसे मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान करता था। परिवार के अनुसार, आदित्य से जुड़ी कई घटनाएँ शृष्टि की मौत के संदर्भ में गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।
इसके बाद, शृष्टि का शव गोरखपुर में राजघाट पर जलाया गया। अंतिम संस्कार के दौरान शृष्टि के पिता, विशाल तुली ने उसकी चिता को आग दी। यह पूरा घटना परिवार के लिए एक गंभीर दुख की घड़ी है, क्योंकि शृष्टि ने बहुत छोटे समय में अपने सपनों को पूरा किया था और उसके बाद उसका अचानक से इस तरह से चले जाना परिवार के लिए बेहद दर्दनाक है।
शृष्टि तुली की मौत का मामला न केवल उसके परिवार के लिए एक गहरी त्रासदी है, बल्कि यह समाज के लिए भी एक गंभीर सवाल खड़ा करता है। क्या शृष्टि ने आत्महत्या की, या फिर उसके साथ कुछ और हुआ? इस मामले में पूरी जांच की आवश्यकता है ताकि सच सामने आ सके। परिवार की मांग है कि पुलिस इस मामले की गहन जांच करे और शृष्टि के साथ जो कुछ भी हुआ है, उसका खुलासा करे ताकि उसे न्याय मिल सके।