Meerut News: मेरठ पुलिस ने हाल ही में एक बड़े अपराधी ‘चूहा’ का एनकाउंटर कर उसे घायल कर दिया है। यह ‘चूहा’ कोई साधारण चूहा नहीं, बल्कि शादाब उर्फ चूहा नाम का एक खतरनाक अपराधी है, जिसके सिर पर 25 हजार रुपये का इनाम था। शादाब पर 14 से अधिक आपराधिक मामलों का आरोप है, और पुलिस काफी समय से उसकी तलाश कर रही थी।
अपराधी का परिचय
शादाब उर्फ चूहा मेरठ के लिसाड़ी गेट पुलिस थाना क्षेत्र का निवासी है। वह मजीद नगर का रहने वाला है और उसके खिलाफ कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसकी पहचान शहर के सबसे चालाक अपराधियों में से एक के रूप में होती है। पुलिस उसे पकड़ने के कई प्रयास कर चुकी थी, लेकिन वह हमेशा पुलिस के घेरे को तोड़कर भाग निकलता था।
एनकाउंटर की घटना
पुलिस को सूचना मिली थी कि शादाब अपने साथी के साथ किसी अपराध की योजना बना रहा है। इस पर लिसाड़ी गेट पुलिस ने क्षेत्र में नाकाबंदी की। जब शादाब बाइक पर अपने साथी के साथ चारखंबा रोड की ओर आ रहा था, तब पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया।
शादाब ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी और मौके से भागने की कोशिश की। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें शादाब के पैर में गोली लग गई। उसका साथी भागने में सफल रहा। घायल शादाब को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस की प्रतिक्रिया
मेरठ के एसपी सिटी, आयुष विक्रम सिंह ने इस एनकाउंटर को एक बड़ी सफलता बताया। उन्होंने कहा, “शादाब चूहा घायल हो गया है और पुलिस ने घटनास्थल से एक स्प्लेंडर बाइक, एक पिस्टल, कारतूस और खोल बरामद किए हैं। शादाब बहुत चालाक अपराधी है और वह एक बड़े अपराध को अंजाम देने की योजना बना रहा था। अब पुलिस उसकी गैंग में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए जांच कर रही है।”
शादाब का आपराधिक इतिहास
शादाब उर्फ चूहा पर 14 से अधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या, डकैती और अन्य गंभीर अपराध शामिल हैं। उसकी गतिविधियाँ शहर में आतंक का कारण बनी थीं। उसके गिरोह में कई अन्य अपराधी भी शामिल हैं, जो उसके साथ मिलकर अपराध करते थे।
पुलिस ने लंबे समय से शादाब को पकड़ने की योजना बनाई थी, लेकिन उसकी चालाकी और कूटनीति ने पुलिस को कई बार असफल कर दिया। इस बार, जब पुलिस को उसकी योजना की सूचना मिली, तो वे तुरंत सक्रिय हो गए।
सुरक्षा और कानून व्यवस्था की चुनौती
इस एनकाउंटर ने एक बार फिर से शहर में सुरक्षा और कानून व्यवस्था की चुनौती को उजागर किया है। पुलिस द्वारा उठाए गए कदमों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। यह एनकाउंटर इस बात का उदाहरण है कि कैसे पुलिस ने अपनी सजगता और तत्परता के जरिए एक खतरनाक अपराधी को रोकने में सफलता हासिल की।
हालांकि, यह भी सच है कि शहर में अपराधों की संख्या में वृद्धि ने सुरक्षा के प्रति नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में पुलिस की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि वे अपराधियों पर लगाम लगाएं और जनता के विश्वास को मजबूत करें।
पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई
एनकाउंटर के बाद पुलिस ने शादाब के साथी की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस का मानना है कि शादाब की गैंग में और भी लोग शामिल हैं, और उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। शादाब के खिलाफ पहले से दर्ज मामलों के साथ-साथ उसके द्वारा किए गए अन्य अपराधों की भी जांच की जाएगी।
पुलिस ने यह भी बताया कि एनकाउंटर के बाद शादाब को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसकी हालत स्थिर है। उसकी गिरफ्तारी से पुलिस को आगे की कार्रवाई में मदद मिलेगी, और यह पता लगाने में भी मदद मिलेगी कि उसके गिरोह में और कौन-कौन शामिल हैं।
मेरठ में ‘चूहा’ के एनकाउंटर ने यह साबित कर दिया है कि पुलिस अब और अधिक सक्रिय हो चुकी है। अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है, और यह महत्वपूर्ण है कि ऐसे मामलों में पुलिस की तत्परता को बनाए रखा जाए।
इस प्रकार के एनकाउंटर न केवल अपराधियों के मनोबल को तोड़ते हैं, बल्कि समाज में सुरक्षा का एहसास भी बढ़ाते हैं। पुलिस की यह सफलता इस बात का संकेत है कि वे अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।