Kushinagar News: शुक्रवार को कुशीनगर जिले में पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी पर बने गहरे दबाव के कारण मौसम में महत्वपूर्ण परिवर्तन देखने को मिला। सागर द्वीप में बने चक्रवातीय तूफान के चलते, जिले में सुबह से ही बादल छाए रहे। इस कारण से तापमान में गिरावट आई है, जो स्थानीय निवासियों के लिए राहत भरी साबित हुई है।
तापमान में गिरावट और मौसम का पूर्वानुमान
चक्रवातीय तूफान के प्रभाव से तापमान में 1.1 डिग्री सेल्सियस की कमी आई। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, गुरुवार को अधिकतम तापमान 32.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 22.4 डिग्री सेल्सियस था। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, शनिवार को अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
मौसम विज्ञानियों की जानकारी
कृषि विज्ञान केंद्र सर्गटिया की मौसम विज्ञानी श्रुति वी. सिंह ने बताया कि सागर द्वीप में चक्रवातीय तूफान के कारण पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में गहरे दबाव का निर्माण हुआ है। इसी कारण मौसम में ऐसे परिवर्तन देखे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शनिवार को कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश होने की संभावना है, जो मौसम को और ठंडा कर सकती है।
अगले दिनों का मौसम पूर्वानुमान
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले पांच दिनों के लिए मौसम का पूर्वानुमान जारी किया है। पूर्वानुमान में कहा गया है कि सूखा मौसम रहेगा और कुछ जगहों पर बादल छाए रहेंगे। अधिकतम तापमान 32 से 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 से 22 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
सुबह में आर्द्रता 81 से 90 प्रतिशत और शाम को 61 से 69 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। मौसम विज्ञानी ने बताया कि पूर्वी हवाएं 5 से 6 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलने की संभावना है। इसके अलावा, 26 अक्टूबर तक जिले के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश होने की संभावना भी जताई गई है।
स्थानीय प्रभाव और जनसामान्य की प्रतिक्रिया
कुशीनगर के निवासी बदलते मौसम के साथ अनुकूलित हो रहे हैं। तापमान में गिरावट और बादल छाने से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। स्थानीय किसानों को विशेष रूप से मौसम की जानकारी पर ध्यान केंद्रित करना पड़ रहा है, क्योंकि बारिश की संभावना उनके फसलों के लिए लाभकारी हो सकती है।
हालांकि, बारिश की मात्रा और समय को लेकर चिंता भी बनी हुई है, जो कृषि कार्यों पर प्रभाव डाल सकती है। स्थानीय प्रशासन भी मौसम के प्रति सतर्क है और किसी भी प्रतिकूल स्थिति के लिए तैयार है।
अंत में, चक्रवातीय तूफान के प्रभाव ने कुशीनगर में मौसम में महत्वपूर्ण परिवर्तन लाया है और तापमान में गिरावट आई है। जैसे-जैसे जिले में हल्की बारिश की संभावना बढ़ती है, समुदाय कृषि के लिए अनुकूल मौसम की उम्मीद कर रहा है। मौसम विज्ञानियों और IMD द्वारा लगातार निगरानी इस बदलते मौसम पैटर्न को समझने और उसे प्रबंधित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
स्थानीय निवासियों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम की भविष्यवाणियों पर ध्यान दें और आवश्यकतानुसार अपनी तैयारियों को अंजाम दें। चक्रवात के चलते मौसम में आए परिवर्तन कुशीनगर के जीवन को प्रभावित कर सकते हैं, इसलिए सभी को सतर्क रहना चाहिए।